अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज वैशाख माह की चतुर्थी या पंचमी तिथि? पंचांग से जानिए आज के दिन की सही तिथि और शुभ व अशुभ काल का सटीक समय

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 6 April 2026: 6 अप्रैल के दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है या फिर पंचमी, इसको लेकर संशय व्याप्त है। ऐसे में आप आज के पंचाांग से अपने इस भ्रम को दूर कर सकते हैं। दरअसल, आज दोपहर तक चतुर्थी तिथि ही व्याप्त है। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, आज चतुर्थी तिथि ही मानी जाएगी, लेकिन संकष्टी चतुर्थी के व्रत के लिए अलग नियम माने जाते हैं। आइए जानते हैं कि वे क्या हैं?

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6 अप्रैल का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 6 April 2026: 6 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि ही रहेगी, लेकिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 अप्रैल को रखा जा चुका है। आजऐसा इस कारण है, क्योंकि आज दोपहर तक चतुर्थी तिथि रहेगी, लेकिन व्रत उसी दिन रखा जाता है, जब चांद दर्शन के समय चतुर्थी हो। आज उदया तिथि के अनुसार चतुर्थी तिथि है, लेकिन व्रत 5 अप्रैल को ही रखना शास्त्रसम्मत था। हालांकि, जिन्होंने व्रत किसी कारणवश नहीं रख पाया है, वे आज के दिन भी व्रत रख सकते हैं। चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे। आइए जानते हैं 6 अप्रैल 2026 के दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण आदि सभी जानकारियां और आज के दिन का शुभ और अशुभ काल का समय क्या है?

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

6 अप्रैल को सूर्य का उदय सुबह 06:06 बजे और सूर्यास्त शाम 06:42 बजे होगा। चंद्रमा का उदय रात 10:55 बजे होगा, जबकि चन्द्रास्त सुबह 08:12 बजे होगा।

आज का पंचांग

आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 02:10 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र के अनुसार अनुराधा नक्षत्र अगले दिन यानी 7 अप्रैल को सुबह 02:57 बजे तक रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो सिद्धि योग दोपहर 03:25 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्यतीपात योग प्रभावी होगा। करण के अनुसार बालव करण दोपहर 02:10 बजे तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण 7 अप्रैल को सुबह 03:21 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात तैतिल करण प्रारंभ होगा।

वार एवं पक्ष

आज सोमवार है और कृष्ण पक्ष चल रहा है।

चन्द्र मास, सम्वत एवं संवत्सर

आज विक्रम सम्वत 2083 सिद्धार्थी, शक सम्वत 1948 पराभव तथा गुजराती सम्वत 2082 पिंगल मान्य रहेगा। चन्द्र मास वैशाख (पूर्णिमांत) तथा चैत्र (अमान्त) रहेगा। बृहस्पति संवत्सर सिद्धार्थी 21 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रविष्टे या गते 23 रहेगा।

राशि तथा नक्षत्र

चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे। अनुराधा नक्षत्र का प्रथम चरण सुबह 06:49 बजे तक, द्वितीय चरण दोपहर 01:30 बजे तक, तृतीय चरण रात 08:13 बजे तक और चतुर्थ चरण 7 अप्रैल को 02:57 बजे तक रहेगा। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। सूर्य मीन राशि में रहेंगे और रेवती नक्षत्र में स्थित रहेंगे।

ऋतु तथा अयन

द्रिक और वैदिक गणना के अनुसार वसंत ऋतु का प्रभाव रहेगा। उत्तरायण जारी रहेगा। दिनमान 12 घंटे 35 मिनट 57 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 22 मिनट 54 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल दोपहर 12:24 बजे रहेगा।

6 अप्रैल 2026 के दिन का शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:34 बजे से 05:20 बजे तक

प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:57 बजे से 06:06 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:49 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:20 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:40 बजे से 07:03 बजे तक

सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:42 बजे से 07:50 बजे तक

अमृत काल: दोपहर 03:19 बजे से 05:07 बजे तक

निशिता मुहूर्त: 7 अप्रैल को रात 12:00 बजे से 12:46 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:06 बजे से 7 अप्रैल 02:57 बजे तक

6 अप्रैल 2026 के दिन का अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 07:40 बजे से 09:15 बजे तक

यमगण्ड: सुबह 10:49 बजे से 12:24 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 01:58 बजे से 03:33 बजे तक

दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:49 बजे से 01:39 बजे तक, तथा 03:20 बजे से 04:11 बजे तक

गण्ड मूल: 7 अप्रैल को 02:57 बजे से 06:05 बजे तक

बाण के अनुसार आज रज बाण सुबह 06:09 बजे से पूर्ण रात्रि तक प्रभावी रहेगा।

आनन्दादि एवं तमिल योग

आज आनन्दादि योग में मानस योग 7 अप्रैल 02:57 बजे तक रहेगा, इसके बाद पद्म योग प्रभावी होगा। तमिल योग में अमृत योग 7 अप्रैल 02:57 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा। जीवनम पूर्ण जीवन रहेगा और नेत्रम दो नेत्र रहेगा, इसके बाद निर्जीव रहेगा।

निवास और शूल

आज होमाहुति मंगल को समर्पित रहेगी, इसके बाद गुरु को समर्पित मानी जाएगी। दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। नक्षत्र शूल भी पूर्व दिशा में रहेगा। अग्निवास दोपहर 02:10 बजे तक पाताल में रहेगा, इसके बाद पृथ्वी में माना जाएगा। चन्द्र वास उत्तर दिशा में रहेगा। राहु वास उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा। शिववास दोपहर 02:10 बजे तक कैलाश पर रहेगा, इसके बाद नन्दी पर माना जाएगा। कुम्भ चक्र गर्भ में रहेगा।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। यह केवल सामान्य सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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