आज का पंचांग (31 December 2025): पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी से साल 2025 का होगा समापन, जानिए आज पूजा पाठ का क्या है शुभ मुहूर्त
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 31, 2025, 07:36 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (31 December 2025): साल 2025 के अंतिम पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज के दिन एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। इसके साथ ही आज से ही मंगल के साल 2025 का अंत हो जाएगा। आइए जानते हैं कि आज किस समय पर पूजन करना शुभ है।
31 दिसंबर 2025 का पंचांग
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (31 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी सुबह 5 बजकर 00 मिनट तक रहेगी, फिर द्वादशी लग जाएगी। इस कारण आज ही पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। नक्षत्र कृत्तिका 31 दिसंबर रात 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा मेष राशि में सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। योग साध्य शाम 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। करण बालव शाम 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 35 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 2 बजकर 19 मिनट पर उदय होगा और 1 जनवरी सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 21 मिनट 5 सेकंड और रात की 13 घंटे 39 मिनट 10 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल एकादशी सुबह 5:00 तक, फिर शुक्ल द्वादशी। नक्षत्र कृत्तिका 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर रोहिणी। करण कौलव 31 दिसंबर सुबह 5:00 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 16।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
31 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:52 से 7:14 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से 2:49 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 6:00 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:35 से 6:57 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:20 से 1 जनवरी सुबह 12:46 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 1 जनवरी सुबह 12:52 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
31 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:24 से 1:42 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:49 से 11:06 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 11:07 से दोपहर 12:24 बजे तक
- विडाल योग: 31 दिसंबर रात 1:29 से 1 जनवरी सुबह 7:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:45 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 2:44 से 4:10 बजे तक
- बाण: चोर – रात 9:26 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सिद्धि 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर शुभ। तमिल योग में अमृत 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शनि को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास 1 जनवरी सुबह 1:47 तक आकाश में, फिर पाताल में। चंद्र वास सुबह 9:23 तक पूर्व में, फिर दक्षिण में। शिववास 1 जनवरी सुबह 1:47 तक कैलाश पर, फिर नंदी पर। राहु वास दक्षिण-पश्चिम, कुंभ चक्र पश्चिम में।
आज कृत्तिका नक्षत्र और चंद्रमा मेष से वृषभ में होने से साहस, स्थिरता और नई शुरुआत में सफलता मिलेगी। बुधवार होने से गणेश जी को दूर्वा-मोदक चढ़ाएं, गणेश अथर्वशीर्ष पढ़ें और हरे मूंग दान करें – सारे कार्य सिद्ध होंगे।