Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (31 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी सुबह 5 बजकर 00 मिनट तक रहेगी, फिर द्वादशी लग जाएगी। इस कारण आज ही पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। नक्षत्र कृत्तिका 31 दिसंबर रात 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा मेष राशि में सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। योग साध्य शाम 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। करण बालव शाम 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 35 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 2 बजकर 19 मिनट पर उदय होगा और 1 जनवरी सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 21 मिनट 5 सेकंड और रात की 13 घंटे 39 मिनट 10 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल एकादशी सुबह 5:00 तक, फिर शुक्ल द्वादशी। नक्षत्र कृत्तिका 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर रोहिणी। करण कौलव 31 दिसंबर सुबह 5:00 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 16।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
31 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:52 से 7:14 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से 2:49 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 6:00 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:35 से 6:57 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:20 से 1 जनवरी सुबह 12:46 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 1 जनवरी सुबह 12:52 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
31 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:24 से 1:42 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:49 से 11:06 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 11:07 से दोपहर 12:24 बजे तक
- विडाल योग: 31 दिसंबर रात 1:29 से 1 जनवरी सुबह 7:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:45 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 2:44 से 4:10 बजे तक
- बाण: चोर – रात 9:26 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सिद्धि 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर शुभ। तमिल योग में अमृत 31 दिसंबर रात 1:29 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शनि को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास 1 जनवरी सुबह 1:47 तक आकाश में, फिर पाताल में। चंद्र वास सुबह 9:23 तक पूर्व में, फिर दक्षिण में। शिववास 1 जनवरी सुबह 1:47 तक कैलाश पर, फिर नंदी पर। राहु वास दक्षिण-पश्चिम, कुंभ चक्र पश्चिम में।
आज कृत्तिका नक्षत्र और चंद्रमा मेष से वृषभ में होने से साहस, स्थिरता और नई शुरुआत में सफलता मिलेगी। बुधवार होने से गणेश जी को दूर्वा-मोदक चढ़ाएं, गणेश अथर्वशीर्ष पढ़ें और हरे मूंग दान करें – सारे कार्य सिद्ध होंगे।
