Aaj Ka Panchang 28 June 2024 In Hindi: पंचांग अनुसार शुक्रवार को यानी 28 जून को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि रहेगी। इसके अलावा इस दिन बेहद शुभ रवि योग भी बन रहा है। इस योग में कोई भी कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ये योग 28 जून की सुबह 05:26 AM से 10:10 AM तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन पंचक रहेगा। राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। अब जानिए 28 जून का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 28 June 2024 (आज का पंचांग)
संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आषाढ़ ,कृष्ण पक्ष
तिथि- सप्तमी 04:29 pm तक फिर अष्टमी
व्रत-कालाष्टमी व्रत
दिन-शुक्रवार
सूर्योदय-05:23am
सूर्यास्त-07:23pm
नक्षत्र- पूर्वभाद्रपद 10:11am तक फिर उत्तराभाद्रपद
चन्द्र राशि- मीन
सूर्य राशि- मिथुन
करण-विष्टि
योग-सौभाग्य09:40pm तक फिर शोभन
28 जून के शुभ मुहूर्त (28 June 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:55am से 12:42 pm
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:06 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:11 am से 05:09am तक
अमृत काल-06:09am से 07:56am तक
निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:51 से 12:43 तक रात्रि
संध्या पूजन-06:51 pm से 07:45pm तक
दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल -प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक
क्या करें- श्री विष्णु व माता लक्ष्मी जी को समर्पित वैभव लक्ष्मी का व्रत रहें। माता लक्ष्मी जी की पूजा करें। लड्डू गोपाल जी को तुलसी दल व लड्डू अर्पित करें व उनकी उपासना करें। मन्दिर में भगवान कृष्ण जी का दर्शन करें, आज व्रत बहुत ही फलदायी है। धार्मिक पुस्तकों सहित गुड़ व जल के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा।मन्दिर में द्रव्य अर्पित करें। माता राधा व कृष्ण जी के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में पीपल व पाकड़ का पेड़ लगाएं। आज जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। श्री सूक्त का पाठ करें। मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। पीले वस्त्र का दान करें। उपासना मन से करें व शुक्र के बीज मंन्त्र का जप करें। स्वास्थ्य सुख में वृद्धि के लिए अन्न दान करें। आज रात्रि में खीर बनाकर घर के मन्दिर में माता को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें। इत्र व गंगा जल को शिवलिंग पर अर्पित करें।
क्या न करें- पत्नी की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें। पत्नी का सम्मान करने से शुक्र बेहतर फल देते हैं। पत्नी को सम्मान दें।
