27 November Ka Panchang: 27 नवंबर 2025, गुरुवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 28 नवंबर सुबह 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र धनिष्ठा 28 नवंबर सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, फिर शतभिषा नक्षत्र लगेगा। योग ध्रुव दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। करण गर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक और वणिज 28 नवंबर सुबह 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।आज दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से पंचक शुरू हो जाएगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य न करें।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और रात 11 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 30 मिनट 45 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 30 मिनट 1 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल सप्तमी 28 नवंबर सुबह 12:29 बजे तक, फिर शुक्ल अष्टमी। नक्षत्र धनिष्ठा 28 नवंबर सुबह 2:32 बजे तक रहेगा, फिर शतभिषा। धनिष्ठा का पहला पाद सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक, दूसरा पाद दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक और तीसरा पाद शाम 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 12 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्रमा दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक मकर राशि में रहेगा, फिर कुंभ राशि में चला जाएगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और धनिष्ठा नक्षत्र में 28 नवंबर सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, फिर शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। सर्दी अब अपने पूरे जोर पर है।
27 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:05 से 5:59 बजे तक (ध्यान-पूजा के लिए सर्वोत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:32 से 6:53 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:30 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:21 से 5:49 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:42 से शाम 5:22 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:42 बजे से 28 नवंबर सुबह 12:36 बजे तक
27 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:28 से 2:46 बजे तक (नए कार्य न करें)
- यमगण्ड: सुबह 6:53 से 8:12 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:31 से 10:50 बजे तक
- आडल योग: 28 नवंबर सुबह 2:32 से 6:54 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:24 से 11:06 बजे तक और दोपहर 2:36 से 3:18 बजे तक
- बाण: मृत्यु – सुबह 11:05 बजे तक, फिर अग्नि पूरी रात
- भद्रा: 28 नवंबर सुबह 12:29 बजे से 6:54 बजे तक
- पंचक: दोपहर 2:07 बजे से 28 नवंबर सुबह 6:54 बजे तक (शुभ कार्य वर्जित)
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में श्रीवत्स 28 नवंबर सुबह 2:32 तक, फिर वज्र और मरण रहेगा। तमिल योग में सिद्ध 28 नवंबर सुबह 2:32 तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को दी जाएगी – शुक्र की होमाहुति बहुत शुभ होती है, इससे धन-सुख बढ़ता है। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है – दक्षिण की यात्रा टालें। अग्निवास 28 नवंबर सुबह 12:29 तक आकाश में फिर पाताल में, चंद्र वास दोपहर 2:07 तक दक्षिण फिर पश्चिम में रहेगा। राहु वास दक्षिण, शिववास 28 नवंबर सुबह 12:29 तक भोजन में फिर श्मशान में रहेगा। कुंभ चक्र दक्षिण में रहेगा।
