Aaj Ka Panchang: परम पवित्र वैशाख माह की आज त्रयोदशी तिथि व मासिक शिवरात्रि व्रत है। आज भगवान शिव जी की नियमपूर्वक विधिवत पूजा करते हैं। पार्थिव शिवलिंग की पूजा बहुत श्रद्धा से की जाती है। शिवपुराण का पाठ कर सकते हैं। यह व्रत पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। फलों व धार्मिक पुस्तकों का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। शिवलिंग पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। इस माह मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। विहंगों को दाना -पानी दें। गाय को पालक व गुड़ खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़,चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। चींटी को शक्कर दें। कुत्ते को भी रोटी दें। परम ब्रम्ह शिव साकार व निराकार दोनों हैं।वह किसी भी बड़े कार्य को निर्विध्न रूप से से पूर्ण करवाते हैं। मासिक शिवरात्रि व्रत के दिन ब्रम्ह मुहूर्त में पार्थिव का शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करें। भगवान शिव मंदिर जाएं,जलाभिषेक करें व उनको बेलपत्र ,इत्र व शहद अर्पित करें।
आज का पंचांग 26 अप्रैल 2025
संवत- पिङ्गला
विक्रम संवत- 2082
माह-वैशाख, कृष्ण पक्ष
तिथि - त्रयोदशी 08:28 am चतुर्दशी
पर्व-मासिक शिवरात्रि पर्व
दिवस -शनिवार
सूर्योदय-05:43am
सूर्यास्त-6:54pm
नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद 06:26 am तक फिर रेवती
चन्द्र राशि - मीन,स्वामी ग्रह-गुरु
सूर्य राशि- मेष
करण- वणिज 08:26 am तक फिर विष्टि
योग- वैधृति 08:41am तक फिर विष्कुम्भ
26 अप्रैल शुभ मुहूर्त
अभिजीत-11:54 am से 12:45 pmतक
विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:22pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:09am तक
अमृत काल-06:02am से 07:43am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक
दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल- प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
आज क्या न करें-कुसंगति से बचें।
