अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज 26 अप्रैल को कब तक रहेगा राहुकाल, यहां जानें सभी शुभ-अशुभ मुहूर्तों की पूरी डिटेल

Aaj Ka Panchang: 26 अप्रैल 2025 को मासिक शिवरात्रि व्रत है। आज भगवान शिव जी की नियमपूर्वक विधिवत पूजा करते हैं। पार्थिव शिवलिंग की पूजा बहुत श्रद्धा से की जाती है। शिवपुराण का पाठ कर सकते हैं। यह व्रत पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है।

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Aaj Ka Panchang: 26 April 2025

Aaj Ka Panchang: परम पवित्र वैशाख माह की आज त्रयोदशी तिथि व मासिक शिवरात्रि व्रत है। आज भगवान शिव जी की नियमपूर्वक विधिवत पूजा करते हैं। पार्थिव शिवलिंग की पूजा बहुत श्रद्धा से की जाती है। शिवपुराण का पाठ कर सकते हैं। यह व्रत पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। फलों व धार्मिक पुस्तकों का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। शिवलिंग पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। इस माह मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। विहंगों को दाना -पानी दें। गाय को पालक व गुड़ खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़,चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। चींटी को शक्कर दें। कुत्ते को भी रोटी दें। परम ब्रम्ह शिव साकार व निराकार दोनों हैं।वह किसी भी बड़े कार्य को निर्विध्न रूप से से पूर्ण करवाते हैं। मासिक शिवरात्रि व्रत के दिन ब्रम्ह मुहूर्त में पार्थिव का शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करें। भगवान शिव मंदिर जाएं,जलाभिषेक करें व उनको बेलपत्र ,इत्र व शहद अर्पित करें।

आज का पंचांग 26 अप्रैल 2025

संवत- पिङ्गला

विक्रम संवत- 2082

माह-वैशाख, कृष्ण पक्ष

तिथि - त्रयोदशी 08:28 am चतुर्दशी

पर्व-मासिक शिवरात्रि पर्व

दिवस -शनिवार

सूर्योदय-05:43am

सूर्यास्त-6:54pm

नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद 06:26 am तक फिर रेवती

चन्द्र राशि - मीन,स्वामी ग्रह-गुरु

सूर्य राशि- मेष

करण- वणिज 08:26 am तक फिर विष्टि

योग- वैधृति 08:41am तक फिर विष्कुम्भ

26 अप्रैल शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:54 am से 12:45 pmतक

विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:09am तक

अमृत काल-06:02am से 07:43am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:21तक रात

संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक

दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त- राहुकाल- प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

आज क्या न करें-कुसंगति से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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