Aaj Ka Panchang: 21 नवंबर 2025, शुक्रवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन है।
आज पूजा का शुभ समय क्या है, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र अनुराधा दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, फिर ज्येष्ठा नक्षत्र लगेगा। योग में अतिगण्ड सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक, फिर सुकर्मा रहेगा। करण में बव दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक, बालव 22 नवंबर सुबह 4 बजे तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह सूर्योदय से दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा – यह किसी भी शुभ कार्य के लिए बहुत उत्तम है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 56 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 36 मिनट 45 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 24 मिनट 2 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि शुक्ल प्रतिपदा दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी, फिर शुक्ल द्वितीया शुरू होगी। नक्षत्र अनुराधा दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, फिर ज्येष्ठा नक्षत्र लगेगा। अनुराधा का पहला पाद सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। योग में अतिगण्ड सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक, फिर सुकर्मा रहेगा। करण में बव दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 6 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि वृश्चिक में पूरे दिन रहेगी। सूर्य भी वृश्चिक राशि में है और अनुराधा नक्षत्र में दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, फिर ज्येष्ठा नक्षत्र में चला जाएगा। अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र साहस, नेतृत्व और सफलता की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम में ठंडक बढ़ रही है, रातें अब काफी ठंडी हो गई हैं।
21 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:01 से 5:55 बजे तक (ध्यान-पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:28 से 6:49 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:46 से दोपहर 12:28 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेस्ट)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:35 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:25 से 5:52 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:46 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:49 से दोपहर 1:56 बजे तक (कोई भी शुभ कार्य करें)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 22 नवंबर सुबह 12:34 बजे तक
21 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:47 से दोपहर 12:07 बजे तक (नए काम न करें)
- यमगण्ड: दोपहर 2:46 से 4:06 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:08 से 9:28 बजे तक और दोपहर 12:28 से 1:11 बजे तक
- आडल योग: दोपहर 1:56 बजे से 22 नवंबर सुबह 6:49 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:56 से 9:38 बजे तक
- वर्ज्य: रात 8:11 से 9:59 बजे तक
- गण्ड मूल: दोपहर 1:56 बजे से 22 नवंबर सुबह 6:49 बजे तक
- बाण: रज − दोपहर 12:41 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में राक्षस दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक, फिर चर और सिद्ध रहेगा। तमिल योग में मरण दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। जीवनम में निर्जीव और नेत्रम में नेत्रहीन रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति सूर्य को दी जाएगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है – पश्चिम की यात्रा टालें। नक्षत्र शूल दोपहर 1 बजकर 56 मिनट से पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्र वास उत्तर, राहु वास दक्षिण-पूर्व, अग्निवास दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक पृथ्वी में फिर आकाश में, शिववास दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक श्मशान में फिर गौरी के साथ रहेगा। कुंभ चक्र दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक मुंह में, फिर पूर्व में रहेगा।
