Aaj Ka Panchang 21 November 2024 In Hindi (आज का पंचांग 21 नवंबर 2024): मार्गशीर्ष महीने की खष्ठी तिथि आज के दिन शाम के 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। उसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:56 से 12 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। आइए जानें अब आज का पूरा पंचांग
Aaj Ka Panchang 21 November 2024 In Hindi (आज का पंचांग 21 नवंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-मार्गशीर्ष ,कृष्ण पक्ष,पर्व -खष्ठी व्रत
तिथि- खष्ठी 05:05 pm तक फिर सप्तमी
दिवस -गुरुवार
सूर्योदय-06:48am
सूर्यास्त-05:24 pm
नक्षत्र-पुनर्वसु 03:31pm तक फिर आश्लेषा
चन्द्र राशि -कर्क,स्वामी ग्रह -चन्द्रमा
सूर्य राशि- वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण- वणिज 05pm तक फिर विष्टि
योग-शुक्ल 12:,05pm तक फिर ब्रम्ह
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:56am से 12:30 pm तक2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:25pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:08am तक
5अमृत काल-06:06am से 07:42am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:07pm तक
दिशा शूल-दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहेगाक्या करें-मार्गशीर्ष खष्ठी तिथि है,गुरुवार है।भैरव व शिव उपासना करें।आज श्री विष्णु उपासना करें। भगवान के नाम का जप करें। फलाहार व्रत करने व पुण्य प्राप्त करने के लिए पवित्र नदी में स्नान करें ।बटुक भैरव स्तोत्रम का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। उड़द व गुड़ का दान करें ।आज कम्बल तथा ऊनी वस्त्रों के दान का बहुत महत्व होता है। मार्गशीर्ष माह में भगवान विष्णु के राम व कृष्ण रूप दोनों रूप की पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है।आज राहु व केतु के बीज मंत्र का जप करें। सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ धन,धान्य ,आरोग्यता व समृद्धि देगा।शिव मन्दिर में रुद्राभिषेक कर सकते हैं।भगवान शिव के नाम का जप करने से पाप नष्ट होते हैं। शिवालय जाएं व जलाभिषेक करें इससे आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है व भगवान भोलेनाथ जी की अनन्य भक्ति व आत्मशक्ति प्राप्त होती है। खष्ठी तिथि में अपने कुलदेवी की उपासना अवश्य करें।माता शीतला को कपूर व लौंग अर्पित करें।
क्या न करें-असत्य मत बोलें।
