Aaj Ka Panchang 18 August 2024: सावन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन उत्तराषाढ़ान नक्षत्र रहने वाला है। आज के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम के 7 बजकर 2 मिनट पर होगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:53 से लेकर 12:42 तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करना शुभ रहेगा। संध्या पूजन का समय शाम के 06:21 से लेकर 7:21 तक रहने वाला है। पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। आज के दिन इस दिशा में यात्रा करने से बचें। आइए अब जानिए पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 18 August 2024 (आज का पंचांग 18 अगस्त 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-श्रावण ,शुक्ल पक्ष
तिथि-चतुर्दशी
व्रत व पर्व- संकट निवारण चतुर्दशी व्रत
दिवस-रविवार
सूर्योदय-05:44am
सूर्यास्त-07:02pm
नक्षत्र- उत्तराषाढ़ान 10:27 am तक फिर श्रवण
चन्द्र राशि- मकर,स्वामीग्रह-शनि
सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य
करण- गरज 08;11pm तक फिर वणिज
योग:-आयुष्मान 08 am तक फिर सौभाग्य
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:53am से 12:42 pm
2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:25 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:26 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:07am तक
5अमृत काल-06:04am से 07;55am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:54 से 12:43तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:21pm तक
दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल- सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तकक्या करें- आज श्रावण माह का चतुर्दशी का पारण दिवस है। रविवार व्रत रहना पुण्यदायी है।भगवान शिव जी की उपासना करें। शिव भक्ति प्राप्ति का व्रत रहें।आज रविवार है।सूर्य जनित कष्ट का उपाय भी करें। श्रावण माह का उपवास अनवरत करें। सत्य पर ध्यान दें। शिवपुराण कहें या श्रवण करें। आज गन्ने के रस से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें।घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें।श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें।अन्न व फलों का दान करे।शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज मीठे जल से रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं।मधु से रुद्राभिषेक करने से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में तीर्थ करें। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। घर मे पारद का शिवलिंग लाकर उनकी उपासना व जलाभिषेक से भगवान शिव की अनन्य भक्ति प्राप्त होगी।धार्मिक पुस्तकों का दान करें।श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का 03 बार पाठ करें।
क्या न करें-सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता की किसी बात की अवज्ञा मत करें।
