आज का पंचांग (17 December 2025): साल 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत आज, पंचांग से जानिए किस समय पर करें पूजा-पाठ
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 17, 2025, 08:05 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (17 December 2025): आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी रात 2 बजकर 32 मिनट (18 दिसंबर) तक रहेगी, फिर चतुर्दशी लग जाएगी। इस कारण आज ही साल का आखिरी प्रदोष व्रत रखा जाएगा। आइए जानते हैं कि दिसंबर 2025 के अंतिम प्रदोष व्रत के दिन पूजा शुभ समय क्या है?
17 दिसंबर का पंचांग
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (17 December 2025): आज पौष महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और यह प्रदोष काल में भी प्रभावी रहेगी। इसी कारण दिसंबर माह का अंतिम प्रदोष व्रत आज के दिन रखा जा रहा है। यह त्रयोदशी तिथि 18 दिसंबर की सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।
नक्षत्र की स्थिति देखें तो विशाखा नक्षत्र शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र आरंभ होगा। योग के रूप में सुकर्मा योग दोपहर 2 बजकर 17 मिनट तक मान्य रहेगा, इसके बाद धृति योग प्रभाव में आएगा। दोपहर 1 बजकर 15 मिनट तक गर करण रहेगा। इसके बाद वणिज करण लगेगा, जो पूरे दिन प्रभावी बना रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग शाम 5 बजकर 11 मिनट से 18 दिसंबर सुबह 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा – यह दुर्लभ और अत्यंत शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 27 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 18 दिसंबर सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 19 मिनट 34 सेकंड और रात की 13 घंटे 41 मिनट रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण त्रयोदशी रात 2:32 (18 दिसंबर) तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी। नक्षत्र विशाखा शाम 5:11 तक, फिर अनुराधा। करण वणिज रात 2:32 (18 दिसंबर) तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 2।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
17 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:18 से 6:13 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:45 से 7:08 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:01 से 2:42 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:24 से 5:52 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:27 से 6:49 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 7:17 से 9:05 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग + अमृत सिद्धि योग: शाम 5:11 से 18 दिसंबर सुबह 7:08 बजे तक
17 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:17 से 1:35 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 8:25 से 9:42 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 11:00 से दोपहर 12:17 बजे तक
- विडाल योग: शाम 5:11 से 18 दिसंबर सुबह 7:08 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:57 से दोपहर 12:38 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 9:40 से 11:28 बजे तक
- बाण: मृत्यु – 18 दिसंबर सुबह 3:36 तक
- भद्रा: 18 दिसंबर रात 2:32 से सुबह 7:08 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में धाता/प्रजापति शाम 5:11 तक, फिर सौम्य। तमिल योग में सिद्ध शाम 5:11 तक, फिर सिद्ध ही रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में नेत्रहीन।
निवास और शूल
होमाहुति केतु को। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, इस कारण उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास 18 दिसंबर रात 2:32 तक आकाश में, फिर पाताल में। चंद्र वास सुबह 10:26 तक पश्चिम में, फिर उत्तर में। शिववास 18 दिसंबर रात 2:32 तक भोजन में, फिर श्मशान में। राहु वास दक्षिण-पश्चिम, कुंभ चक्र कंठ में।