Bhadli Navami 2026: भड़ली नवमी को एक साधारण दिन नहीं माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। अबूझ मुहूर्त वह समय होता है, जब बिना पंचांग या मुहूर्त देखे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। हालांकि, साल 2026 में भड़ली नवमी पर अबूझ मुहूर्त होने के बावजूद सगाई, विवाह, मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। आखिर इस बार ऐसा क्यों हो रहा है? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण। साथ ही ये भी जानेंगे कि इस बार भड़ली नवमी के दिन कौन-कौन से कार्य करना शुभ और उचित रहेगा।
भड़ली नवमी 2026 की तिथि
द्रिक पंचांग की गणना के मुताबिक, प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की नवमी पर भड़ली नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार कल 22 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 16 मिनट से आषाढ़ शुक्ल नवमी तिथि शुरू हो रही है, जो कि परसों 23 जुलाई 2026 की सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में भड़ली नवमी कल 22 जुलाई 2026, वार बुधवार को मनाई जाएगी।
2026 में भड़ली नवमी पर क्यों नहीं होंगे शुभ कार्य?
इस बार 22 जुलाई 2026 को भड़ली नवमी के दिन देवगुरु बृहस्पति ग्रह अस्त अवस्था में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब देवगुरु बृहस्पति ग्रह अस्त होते हैं तो किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इसी वजह से साल 2026 में भड़ली नवमी के दिन मांगलिक कार्य नहीं होंगे।
भड़ली नवमी पर कौन से कार्य कर सकते हैं?
- भड़ली नवमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की साथ में पूजा करें। इससे आप नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहेंगे।
- भड़ली नवमी के दिन बुधवार है, जो कि गणेश जी को समर्पित दिन है। ऐसे में आप इस दिन गणेश जी की पूजा कर सकते हैं और व्रत रख सकते हैं।
- भड़ली नवमी के दिन हल्दी, पीले रंग के कपड़े, अनाज, पीतल के बर्तन, जूते-चप्पल और पूजा सामग्री जैसी वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी रहता है।
- देवगुरु बृहस्पति ग्रह की शांति के लिए भी भड़ली नवमी पर पूजा करवाई जा सकती है।
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 15 जुलाई 2026 की शाम 7 बजकर 59 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति ग्रह अस्त हुए थे। अब 12 अगस्त 2026 की सुबह करीब 5 बजकर 3 मिनट तक देवगुरु बृहस्पति ग्रह यानी गुरु ग्रह इसी अवस्था में रहेंगे।डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
