Aaj Ka Panchang 12 July 2024: आषाढ़ महीने की सप्तमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम के 7 बजकर 22 मिनट पर होगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना बेहद ही शुभ रहेगा। शुक्रवार के दिन राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से सायंकाल 03 बजे तक रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। आइए जानें अब आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 12 July 2024 (आज का पंचांग 12 जुलाई 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-आषाढ़ ,शुक्ल पक्ष
तिथि-- खष्ठी 12:33pm तक फिर सप्तमी
व्रत- गुप्त नवरात्रि व्रत
दिवस-शुक्रवार
सूर्योदय-05:22am
सूर्यास्त-07:22pm
नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी 04:09pm तक फिर हस्त
चन्द्र राशि- कन्या राशि,स्वामीग्रह-बुध
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण- तैतिल12;15pm तक तत्पश्चात गरज
योग- परिघ
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:57am से 12:44 pm2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:24 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:35 pm से 07:08 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:17am से 05:08am तक
5अमृत काल-06:09am से 07;56am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:41तक रात
संध्या पूजन-06:37 pm से 07:31pm तक
दिशा शूल -दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल -दोपहर 01:30 बजे से सायंकाल 03 बजे तकक्या करें- शक्ति पर्व गुप्त नवरात्रि पंचम का पावन व्रत रहें। माता शक्ति की उपासना का पवित्र 09 दिवसीय व्रत का खष्ठी व्रत रहें। माता दुर्गा जी की पूजा करें। माता जगतजननी दुर्गा को लाल पुष्प,लौंग व नारियल अर्पित करें । माता बंगलामुखी जगत माता हैं। वह कल्याण करती हैं। गुप्त नवरात्रि व्रत बहुत ही फलदायी है। धन व यश प्राप्ति के लिए माता दुर्गा जी की उपासना बहुत उत्तम है। आज सप्त अन्न के दान का बहुत महत्व है। आज का उपवास निराजल ,फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। काली मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें। बंगलामुखी व प्रत्यंगिरा मंन्त्र व अनुष्ठान का यह बहुत महत्वपूर्ण समय है। माता पीतांबरा का दर्शन करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में बेल का पेड़ लगाएं। इस गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। शिवपुराण व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। काली मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। अन्न का दान करें। माता दुर्गा के 108 नाम के जप से कई जन्मों के पापों का शमन होता है। इस समय तांत्रिक पूजाओं का बहुत महत्व है। सप्तश्लोकी दुर्गा का मंत्रात्मक हवन करें। गुप्त नवरात्रि में प्रतिदिन माता बंगलामुखी जी की विधिवत आरती करें।
क्या न करे- गुप्त नवरात्र में लहसुन प्याज भी घर पर मत रहे। पूर्ण शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करें।
