Aaj Ka Panchang 10 December 2024 (आज का पंचांग 10 दिसंबर 2024): मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। दोपहर 01:31 के बाद रेवती नक्षत्र लग जाएगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:52 से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर होगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। दशमी तिथि के दिन राहुकाल का समय दोपहर 03 बजे से 04:30 बजे सायंकाल तक रहेगा। राहुकाल में शुभ काम नहीं किये जाते हैं। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 10 December 2024 (आज का पंचांग 10 दिसंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष,पर्व -साप्ताहिक मंगलवार व्रत
तिथि- दशमी
दिवस - मंगलवार
सूर्योदय-07:03am
सूर्यास्त-05:24pm
नक्षत्र-उत्तराभाद्रपद 01:31pm तक फिर रेवती
चन्द्र राशि -मीन
सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण- तैतिल 05:47pm तक फिर गरज
योग- व्यतिपात
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:52 am से 12:33 pm तक
2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:26pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:22pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:09am तक
5अमृत काल-06:09am से 07:41am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:25तक रात
संध्या पूजन-06:20 pm से 07:09pm तक
दिशा शूल-उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-दोपहर 03 बजे से 04:30 बजे सायंकाल तक
क्या करें- आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दिवस मंगलवार है। आज व्रत रहें। आज हनुमान जी की उपासना तिथि होती है। बजरंगबली संकट समाप्त करते हैं। वह कल्याणकारी हैं। आज शिवलिंग पर जलाभिषेक भी करें। भगवान शिव को जल दें। इस माह निरंतर ॐ नमः शिवाय मंत्र का मानसिक जप करें। इस माह भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें। मंगलवार व्रत बहुत ही पुण्यदायी है। मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण की विधिवत उपासना होती है,भगवान कृष्ण के नाम का जप करें। आज व्रत करने से कष्ट नष्ट होते हैं,पुण्य की प्राप्ति होती है । आज गुड़ दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। मंगलवार का उपवास फलाहारी होता है। आज मङ्गल व सूर्य के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। प्रातःकाल शिव मंदिर में श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान जी के नाम का जप करें।
क्या न करें-किसी भी जीव को कष्ट मत दें।
