अध्यात्म

Purnima Ka Aaj Chand Kitne Baje Niklega: आज चांद कितने बजे निकलेगा, पौष पूर्णिमा का चांद निकलने का समय, शहर अनुसार चंद्रोदय मुहूर्त

Purnima Ka Aaj Chand Kitne Baje Niklega, Moon Rise Time Today (पूर्णिमा का आज चांद कितने बजे निकलेगा): आज पौष पूर्णिमा है और आज के दिन चंद्र दर्शन का खास महत्व होता है। यहां से आप अपने शहर में चांद निकलने का समय जान सकते हैं। जानें आज का चंद्रोदय मुहूर्त।

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आज चांद निकलने का समय (pc: canva)

Purnima Ka Aaj Chand Kitne Baje Niklega: पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में स्नान, दान और पूजा-पाठ के लिए बहुत पुण्यदायी है। पौष पूर्णिमा के दिन चांद देखने का विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और मानसिक महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन पूर्ण चंद्रमा अपनी शीतल और पवित्र किरणों से वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। चंद्रमा मन का प्रतीक होता है, इसलिए पौष पूर्णिमा का चांद देखने से मन शांत, स्थिर और प्रसन्न रहता है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन करने से मानसिक कष्ट, तनाव और नकारात्मक विचारों में कमी आती है। इसी कारण स्नान, दान, जप और ध्यान के साथ चंद्र दर्शन को शुभ फलदायी माना गया है। यहां से आप चांद निकलने का समय जान सकते हैं। यहां आपके शहर अनुसार, चंद्रोदय का समय जान सकते हैं।

शहर अनुसार चांद निकलने का समय-

शहर का नामआज चांद निकलने का समय
नई दिल्ली5:28 PM
पटना5:03 PM
लखनऊ5:18 PM
नोएडा5:24 PM
कानपुर5:26 PM
बनारस5:15 PM
प्रयागराज5:18 PM
भोपाल5:38PM
गाजियाबाद5:26 PM

पौष पूर्णिमा के चांद का महत्व-

पौष पूर्णिमा के चांद का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन पूर्ण चंद्रमा अपनी शीतल और सौम्य किरणों से वातावरण को पवित्र करता है, जिससे मन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता का संचार होता है। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा की चंद्र किरणें अमृत के समान होती हैं और इनके प्रभाव से मानसिक तनाव कम होता है। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान, ध्यान और जप का विशेष महत्व है। चंद्रमा मन का कारक माना जाता है, इसलिए पौष पूर्णिमा का चांद मन की शुद्धि, भावनात्मक स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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