अध्यात्म

7 February 2025 Panchang: कोई भी काम करने से पहले आज के पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और शुक्रवार के उपाय

7 February 2025 Panchang (आज का पंचांग): आज का दिन विष्णु जी और लक्ष्मी जी को समर्पित है। आज सूर्योदय 7 बजकर 4 मिनट पर और सूर्यास्त 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। आइये पंचांग से आज के राहुकाल, दिशा शूल, शुभ मुहर्त और शुक्रवार के उपाय के बारे में जानते हैं।

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7 february 2025 panchang in hindi aaj ka panchang

7 February 2025 Panchang (आज का पंचांग): कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दिवस शुक्रवार है। वैभव लक्ष्मी जी के निमित्त पावन व्रत है। श्री भगवान विष्णु जी की उपासना करें। तिल, उड़द व गुड़ का दान करें। आज का व्रत विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों व चावल का दान करें। माता गंगा की उपासना करें। श्री सूक्त के पाठ से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। भगवान कृष्ण जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। सप्त अन्न का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। आज सायंकाल हवन करें।

6 February 2025 Panchang (आज का पंचांग)-

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह- माघ, शुक्ल पक्ष, दशमी 09:27 pm तक फिर एकादशी, वैभव लक्ष्मी महाव्रत

तिथि- दशमी

दिवस- शुक्रवार

सूर्योदय- 07:04am

सूर्यास्त- 6:05pm

नक्षत्र- रोहिणी 06:41 pm तक फिर मृगशिरा

चन्द्र राशि - वृष, स्वामी ग्रह- शुक्र

सूर्य राशि- मकर, स्वामी ग्रह- शनि

करण- तैतिल 19:01am तक फिर गर

योग- इंद्र 04:17 pm तक फिर वैधृति

शुभ मुहूर्त-

1) अभिजीत- 12:14pm से 12:58 pm तक

2) विजय मुहूर्त- 02:25pm से 03:27pm तक

3) गोधुली मुहूर्त- 06:21pm से 07:22pm तक

4) ब्रम्ह मुहूर्त- 4:06m से 05:09am तक

5) अमृत काल- 06:07am से 07:41am तक

6) निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:40से 12:22तक रात

7) संध्या पूजन- 06:21 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-

पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

क्या न करें- जीवन संगिनी का अपमान मत करें। शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है। पत्नी से प्रेम से रहने पर यह शुभ फल व धन देता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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