अध्यात्म

24 June 2024, Panchang: आषाढ़ महीने की तृतीया तिथि पर क्या होगा शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय, जानिए पूरा पंचांग

24 June 2024, Panchang: पंचांग के अनुसार आज के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर होगीा। इस दिन उत्तराषाढ़ा 03:55pm तक फिर श्रवण नक्षत्र की शुरुआत होगी। यहां पढ़ें पूरा पंचांग।

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24 June 2024, Panchang

24 June 2024, Panchang: आज आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। आज के दिन सूर्यास्य शाम के 7 बजकर 22 मिनट पर होगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा ना करें। इस दिशा में दिशा शूल रहेगा। आइए जानें पूरा पंचांग।

24 June 2024, Panchang (24 जून का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आषाढ़ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- तृतीया

व्रत-भगवान शिव के निमित्त सोमवार व्रत

दिन-सोमवार

सूर्योदय-05:23am

सूर्यास्त-07:22 pm

नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा 03:55pm तक फिर श्रवण

चन्द्र राशि- मकर स्वामी- शनि

सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध

करण- वणिज02:56pm तक फिर विष्टि

योग- इंद्र11:51 am तक फिर वैधृति

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:57am से 12:40 pm

2विजय मुहूर्त-02:28pm से 03:25 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:48 pm से 07:07 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:13am से 05:06am तक

5अमृत काल-06:09am से 07;57am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:45 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;51pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक

क्या करें- सोमवार का व्रत रहें। शिवलिंग को जल दें व उनकी उपासना करें। आज तृतीया है। मन्दिर में भगवान शिव जी का दर्शन करें। सोमवार व्रत बहुत ही फलदायी है। धार्मिक पुस्तकों सहित चावल व शक्कर के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य वैसा ही होगा। मन्दिर में शिवलिंग को बेलपत्र,मधु, दुग्ध व गंगा जल अर्पित करें।भगवान शिव जी के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें।किसी भी शिव मंदिर परिसर में आम,बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज जल दान का भी बहुत महत्व है। श्री रामचरितमानस का पाठ करें। मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को गुड़ व पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें।सफेद वस्त्र का दान करें।शिव उपासना करें व चन्द्रमा के बीज मंन्त्र का जप करें। शिवपुराण का पाठ करें।

क्या न करें- -माता-पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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