20 April 2025 Panchang: रविवार को परम पवित्र वैशाख माह दिन रविवार दिवस अष्टमी है। बहुत लोग अष्टमी व्रत रखते हैं तो कुछ लोग साप्ताहिक रविवार का उपवास करते हैं। श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का 03 पाठ करें। अपने शरीर व स्वास्थ्य के अनुसार उपवास फलाहार या निराजल भी रह सकते हैं। वैशाख माह का हर दान व पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। सूर्य के बीज मंत्र का जप करें। आज गुड़ का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। सुन्दरकाण्ड का पाठ बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। इस माह मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। विहंगों को दाना -पानी दें। उदित सूर्य को प्रणाम कर गायत्री मंत्र का जप करें। आज का पूरा पंचांग देखें।
20 अप्रैल 2025 का पंचांग (20 April 2025 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2082
माह-वैशाख
तिथि - सप्तमी 07:01 pm तक फिर अष्टमी
पर्व- रविवार व अष्टमी व्रत
दिवस -रविवार
सूर्योदय-05:51am
सूर्यास्त-6:51pm
नक्षत- पूर्वाषाढ़ा 11:49 am तक फिर उत्तराषाढ़ा
चन्द्र राशि - धनु,स्वामी ग्रह -गुरु 06:05 pm तक फिर मकर,स्वामी ग्रह-शनि
सूर्य राशि- मेष
करण-- विष्टि 06:47 am तक फिर बव
योग- सिद्ध
20 अप्रैल 2025 शुभ मुहूर्त
अभिजीत-11:58 am से 12:46 pm तक
विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:25pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:22pm से 07:23pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक
अमृत काल-06:02am से 07:48am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:22pm से 07:08pm तक
दिशा शूल- पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक
आज क्या न करें-सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।
