Blood Pressure Control Vastu Tips: बीपी का प्रत्यक्ष सम्बन्ध तनाव से है और ज्योतिष अनुसार ये बीमारी बुध देता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से शुगर और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन आज भी साधुओं को कभी हार्ट अटैक नहीं होता है। मात्र एक कारण कर्ण छेदन। लगभग सभी मन्दिर के पुजारी कानों में कवच कुंडल पहने होते हैं। हमारे सभी देवता या भगवान कानों में कुंडल पहने हैं क्योंकि इससे बुध मजबूत होता है। यानी अगर कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत रहेगी तो हम तनाव से बचें रहेंगे साथ ही बीपी जैसी बीमारी भी नहीं होगी। तो जानें कि वास्तु अनुरूप आप कैसे अपने घर को तनाव मुक्त करके बीपी पूर्णतया नार्मल कर सकते हैं।
बीपी कंट्रोल करेंगे ये वास्तु उपाय
- अच्छी नींद आवश्यक है। मंगल व शुक्र का विचार करके बेड रूम का चयन करें। आपका बेड रूम किसी भी कीमत पर आग्नेय दिशा में न हो। वह वास्तु अनुरूप हो। ईशान दिशा में मन्दिर हो जहां नित्य दीपक जलता हो।
- आपका रेस्ट रूम ईशान दिशा यानी उत्तर पूर्व दिशा में भी न हो। जिस कमरे में आप सोते हैं उस रूम के ईशान में बेड न हो। ईशान में जल रखें। आंखों के सामने युद्ध के चित्र मत हों।
- जहां आप ज्यादा समय बिताते हैं उस रूम में भगवान की मूर्ति किसी भी कीमत पर न हो। पूजन सामग्री भी यहां न हो। खूबसूरत कैलेंडर हो। प्रेम करते जोड़ों के चित्र हों। खूबसूरत नदियों की तस्वीर हो। आर्ट की कोई कृति हो।
- बेड रूम में दर्पण न हो क्योंकि यहां दर्पण रखना बहुत दोषपूर्ण होता है।
- समुद्र के जल के रंग जैसी यानि हरे रंग की दीवार हो। बेड रूम में मोर के पंख रखिये। सुगन्धित इत्र की महक हो।
- आईना घर में कम रखें। यदि आपके कमरे में आपकी तस्वीर दर्पण में दिखती है तो क्लेश व रोग होता है।
- पारद के शिवलिंग पर जलाभिषेक करके उस जल को पी सकते हैं।
- एक अलग रूम संगीत के वाद्य यंत्रों का हो। कुछ पल संगीत के संग गुजारें। 10 शिव पूजा करें। घर मे पार्थिव पर मन्दिर में रुद्राभिषेक कराते रहें।
- फूलों की सजावट घर पर करते रहें।
- गुरु स्वास्थ्य सुख का कारक ग्रह है। साफ वस्त्र धारण करें। घर के ड्राइंग रूम में दोस्तों की महफ़िल जमती रहे।
- अपने बेड रूम में क्रिस्टल व पिरामिड रखें।
- दाम्पत्य जीवन सुखी तो आप निरोग रहेंगे। पति पत्नी की कुंडली के सप्तमेश की दिशा का ध्यान रखकर व सप्तम भाव के स्वामी का द्रव्य घर के उस दिशा में रखें।
- क्रोध व तनाव बीपी बढ़ाते हैं। तनाव को रोकने के लिए घर के ईशान दिशा में जल की व्यवस्था करें। ड्राइंग रूम में फूलों का गुलिस्तां व पिरामिड का संचयन हो।
