अध्यात्म

11 September 2024 Panchang: राधा अष्टमी के दिन क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें आज का पूरा पंचांग

11 September 2024 Panchang: भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त शाम के 6 बजकर 18 मिनट पर होगा। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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11 September 2024 Panchang

11 September 2024 Panchang (11 सितंबर 2024 आज का पंचांग): भादव मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन राधा अष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। आज के दिन ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में राधा रानी की पूजा करना शुभ रहेगा। आज के दिन राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक। इस काल में कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

11 September 2024 Panchang (11 सितंबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-भाद्रपद ,शुक्ल पक्ष

तिथि-अष्टमी, व्रत- अष्टमी व्रत

दिवस-बुधवार

सूर्योदय-05:48am

सूर्यास्त-06:18pm

नक्षत्र- ज्येष्ठा

चन्द्र राशि -वृश्चिक राशि,स्वामी ग्रह-मङ्गल

सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य

करण- वणिज

योग:-विष्कुम्भ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:56am से 12:23 pm

2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:20 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:21 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:02m से 05:01am तक

5अमृत काल-06:04am से 07;53am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:50 से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें- आज मासिक भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष अष्टमी व्रत है। गणपति विध्न का नाश करते हैं।किसी भी कार्य के निर्विध्न रूप से पूर्ण करने वाले देवता गणेश जी हैं। अष्टमी व्रत में माता दुर्गा जी की उपासना की जाती है।यह व्रत सभी लोग रख सकते हैं। गणेश भगवान की पूजा का उत्सव चल रहा है। उनको मोदक व दूर्वा चढ़ाएं।मीठा, जल अन्न व वस्त्र का दान करें। कुछ संत निराजल व्रत रखते हैं। दुर्गासप्तशती का पाठ करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो।कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं। आज सप्तश्लोकी दुर्गा के 18 पाठ का भी बहुत महत्व है। गणेश प्रतिमा जो घरों में स्थापित हो चुकी है उनकी विधिवत पूजा होती है। गणेश जी समस्त कष्टों का नाश करते हैं। गणपति उत्सव धूम धाम से मनाएं। गणेश जी की उपासना कई तांत्रिक सिद्धियां भी देती हैं। बुधवार को भैरो उपासना भी करते हैं। बटुक भैरव स्तोत्रम का पाठ करें।

क्या न करें-असत्य व गलत व्यक्ति का साथ मत दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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