11 October 2024 Panchang: कल अष्टमी और नवमी दिवस है। ऐसे में इस दिन मां महागौरी के साथ मां सिद्धिदात्री की भी उपासना की जाएगी। दुर्गासप्तशती का पाठ करें। माता के नाम का जप करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का 09 पाठ पुण्यदायी है। शिव उपासना अवश्य करें। सप्तश्लोकी दुर्गा का 108 या 09 पाठ अवश्य करें। दिन में 12 बजकर 08 मिनट के बाद नवमी लग जायेगी। उदया तिथि होने के कारण अष्टमी आज जी मानी जायेगी। अष्टमी नवमी युक्त शुभ होती है। नवमी तिथि लगने पर शुभ मुहूर्त में हवन भी कर सकते हैं। इसके साथ ही नवरात्रि व्रत रखने वाले इस दिन कन्या पूजन भी करें। चलिए आपको बताते हैं अष्टमी-नवमी कन्या पूजन और हवन पूजन के शुभ मुहूर्त।
कन्या पूजन शुभ मुहूर्त 2024 (Kanya Pujan Muhurat 2024)
प्रातःकाल ब्रम्ह मुहूर्त-04;39 से 05 बजकर 30 मिनट
अभिजीत-11:44am जे 12:31pm तक
विजय मुहूर्त-02:0 pm से 02:47 pm तक
गोधूली मुहूर्त-05:54 pm जे 07:08 pm तक
हवन पूजन मुहूर्त 2024 (Havan Pujan Muhurat 2024)
हवन 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 अक्टूबर को प्रातःकाल 10:58 तक हवन कर सकते हैं।
11 अक्टूबर 2024 पंचांग (11 October 2024 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081 माह-आश्विन शुक्ल पक्ष
तिथि- अष्टमी 12:08 pm तक फिर नवमी
दिवस-शुक्रवार,व्रत-नवरात्रि अष्टमी व्रत
सूर्योदय-06:17am
सूर्यास्त-06:01pm
नक्षत्र-- उत्तराषाढा
चन्द्र राशि -- धनु राशि,स्वामी ग्रह-बृहस्पति 11;42 am तक फिर मकर,स्वामी-शनि
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण- बव
योग-सुकर्मा
11 अक्टूबर 2024 शुभ मुहूर्त (11 October 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:52 am से 12:34 pm तक
विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:23 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:05am तक
अमृत काल-06:08am से 07:41am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:20तक रात
संध्या पूजन-06:24 pm से 07:07pm तक
दिशा शूल -पश्चिम दिशा व दक्षिण -पश्चिम।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक
