11 January 2025 Panchang In Hindi: 11 जनवरी 2025 को पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी और त्रयोदशी का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक द्वादशी रहेगी और इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। ऐसे में इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। खास बात ये है कि इस दिन अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। वहीं पौष पुत्रदा एकादशी व्रत रखने वाले लोग इस दिन अपना व्रत पारण करेंगे। चलिए आपको बताते हैं 11 जनवरी का पूरा पंचांग शुभ मुहूर्त समेत।
पौष पुत्रदा एकादशी पारण मुहूर्त 2025 (Paush Putrada Ekadashi Parana Muhurat 2025)
पौष पुत्रदा एकादशी का पारण समय 11 जनवरी की सुबह 07:15 से 08:21 तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय 08:21 बजे तक है।
शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2025 (Shani Pradosh Vrat Puja Muhurat 2025)
11 जनवरी 2025 को शनि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से रात 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।
11 जनवरी 2025 पंचांग (11 January 2025 Panchang)
संवत---पिङ्गला
विक्रम संवत 2081
माह-पौष, शुक्ल पक्ष
पर्व -शनिवार
व्रत -एकादशी व्रत पारण,प्रदोष व्रत
तिथि- द्वादशी 08:23am तक फिर त्रयोदशी
दिवस -शनिवार
सूर्योदय-07:18am
सूर्यास्त-05:35pm
नक्षत्र- रोहिणी 12:30 pm तक फिर मृगशिरा
चन्द्र राशि - वृष
सूर्य राशि- धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति
करण- बालव 08:23am तक फिर कौलव
योग- शुक्ल 11:50am तक फिर ब्रम्ह
11 जनवरी 2025 शुभ मुहूर्त (11 January 2025 Shubh Muhurat)
अभिजीत-12:08 से 12;49 pm तक
विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:27pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:25pm
ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:09am तक
अमृत काल-06:04am से 07:47am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:44से 12:29तक रात
संध्या पूजन-06:22 pm से 07:07pm तक
दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें- - परम पवित्र पौष माह शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दिन शनिवार है। एकादशी का पारण करें। प्रदोष व्रत भी है। यह व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। ये शिव जी उपासना का दिवस है। शिवपुराण का पाठ करें। अन्न -वस्त्र, कम्बल का दान करें। शिव कल्याण करते हैं। भगवान भोलेनाथ की उपासना से नव ग्रह जल्द प्रसन्न होते हैं। शंकर जी के नाम का मानसिक जप करें। गंगा स्नान करें। पौष माह में शंकर जी की उपासना भी बहुत ही पुण्यदायी है। शिव पुराण के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। पौष माह में कम्बल व ऊनी वस्त्रों के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। गंगा स्नान व दान पुण्य करने से सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है। प्रातःकाल शिव मन्दिर जाएं, उपासना करें। रूद्राभिषेक करें। भगवान शंकर की भक्ति प्राप्त करने के लिए बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को समर्पित करें।
