अध्यात्म

10 June Ko Grahan Hai Kya: क्या आज सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण लग रहा है? तुरंत दूर करें कन्फ्यूजन

10 June Ko Grahan Hai Kya: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण खगोलीय घटनाएं हैं, जो सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की एक विशेष सीधी स्थिति (alignment) में आने पर घटती हैं। आइए जानते हैं कि क्या 10 जून 2025 को कोई ग्रहण लग रहा है।

Image

10 June Ko Grahan Hai Kya

10 June Ko Grahan Hai Kya: 10 जून 2025 को ज्येष्ठ पूर्णिमा है। जैसा कि सभी जानते हैं कि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगता है। इसलिए कई लोग ऐसा समझ रहे हैं कि आज कोई ग्रहण लगने वाला है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 10 जून 2025 को न तो सूर्य ग्रहण लगेगा और न ही चंद्र ग्रहण क्योंकि ग्रहण कुछ विशेष स्थिति में ही लगता है। हां ये बात सही है कि चंद्र ग्रहण सिर्फ पूर्णिमा को लगता है और सूर्य ग्रहण सिर्फ अमावस्या को। लेकिन ये जरूरी नहीं कि हर अमावस्या और पूर्णिमा पर कोई न कोई ग्रहण रहे। ग्रहण तभी लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। चलिए जानते हैं 2025 में ग्रहण कब-कब लगेगा।

ग्रहण कैलेंडर 2025 (2025 Grahan List In India)

2025 में दो सूर्य ग्रहण:

29 मार्च: आंशिक सूर्य ग्रहण

21 सितंबर: आंशिक सूर्य ग्रहण

दो चंद्र ग्रहण:

14 मार्च: पूर्ण चंद्र ग्रहण

7 सितंबर: पूर्ण चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण कैसे लगता है?

जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए पूरी या आंशिक रूप से रोक देता है, तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। ये घटना सिर्फ अमावस्या के दिन घटित होती है। केवल तभी जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में आते हैं।

चंद्र ग्रहण कैसे लगता है?

जब पूर्णिमा की रात चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ जाती है, तब चंद्रग्रहण लगता है। आसान शब्दों में समझें तो चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article