10 July 2024 Panchang: पंचांग अनुसार 10 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और पंचमी तिथि रहेगी। सूर्योदय समय 5 बजकर 21 मिनट का है। नक्षत्र मघा और पूर्वाफाल्गुनी रहेगा। चंद्र देव सूर्य की राशि सिंह में विराजमान रहेंगे। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यहां जानिए 10 जुलाई का पूरा पंचांग विस्तार से।
10 जुलाई 2024 पंचांग
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081 माह-आषाढ़ ,शुक्ल पक्ष
तिथि-- चतुर्थी 07:53am तक फिर पंचमी
व्रत- गुप्त नवरात्रि व्रत
दिवस-बुधवार
सूर्योदय-05:21am
सूर्यास्त-07:23pm
नक्षत्र- मघा 10:11am तक फिर पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र राशि- सिंह ,स्वामीग्रह-सूर्य
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण- विष्टि07:51am तक फिर बव
योग- व्यतिपात
10 जुलाई 2024 शुभ मुहूर्त
अभिजीत-11:55am से 12:47 pm
विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:26 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:34 pm से 07:08 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:16am से 05:08am तक
अमृत काल-06:08am से 07:56am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:40 तक रात
संध्या पूजन-06:39 pm से 07:31pm तक
दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
10 जुलाई 2024 राहुकाल समय
राहुकाल -दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे सायंकाल तक
आज क्या करें- शक्ति पर्व गुप्त नवरात्रि चतुर्थी का पावन व्रत रहें। माता शक्ति की उपासना का पवित्र 09 दिवसीय व्रत रहें। मन्दिर में भगवान शिव व माता दुर्गा जी की पूजा करें। माता जगतजननी दुर्गा को लाल पुष्प, लौंग व नारियल अर्पित करें। माता बंगलामुखी जगत माता हैं। वह कल्याण करती हैं।गुप्त नवरात्रि व्रत बहुत ही फलदायी है। धन व यश प्राप्ति के लिए माता दुर्गा जी की उपासना बहुत उत्तम है। आज फलों के दान का बहुत महत्व है। आज का उपवास निराजल ,फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा।काली मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें। बंगलामुखी व प्रत्यंगिरा मंन्त्र व अनुष्ठान का यह बहुत महत्वपूर्ण समय है।माता पीतांबरा का दर्शन करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में पाकड़ ,आम , बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। इस गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। शिवपुराण व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। काली मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। अन्न का दान करें। माता दुर्गा के 32 नाम के जप से कई जन्मों के पापों का शमन होता है। इस समय तांत्रिक पूजाओं का बहुत महत्व है। सप्तश्लोकी दुर्गा का मंत्रात्मक हवन करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ कम से कम 09 बार करें।
आज क्या न करें-गुप्त नवरात्र में पर निंदा से बचें। दूसरे को नीचा दिखाने या निंदा करने से पुण्य कम होता है।
