Dhakad Exclusive: 48 घंटे के अंदर ही प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड के गुनाहों की इमारत जमींदोज़, ईंट से ईंट हो गई अलग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 13, 2022, 09:50 PM IST

उत्तर प्रदेश में हिंसा और उपद्रव करने वालों के खिलाफ योगी सरकार का ऐक्शन शुरू हो गया है। शनिवार को कानपुर में योगी सरकार जिस बुलडोजर एक्शन के लिए जानी जाती है, वह चला। वहीं, रविवार को प्रयागराज बुलडोजर ऐक्शन का गवाह बना। दोनों ही स्थानों पर हिंसा के मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हुई है। 

Dhakad Exclusive: 48 घंटे के अंदर ही प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड के गुनाहों की इमारत जमींदोज़, ईंट से ईंट हो गई अलग

हर बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है, 10 जून को प्रयागराज हिंसा (Prayagraj Violence) में शामिल उपद्रवी शायद इस बात को भूल गए थे, लेकिन कल प्रयागराज से जो तस्वीरें आईं उसके बाद उन्हें अपनी गलती का अहसास जरुर हो रहा होगा। 48 घंटे के अंदर ही हिंसा के मास्टरमाइंड के गुनाहों की इमारत ध्वस्त हो गई, जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप का आलीशान बंगला अब मिट्टी हो चुका है...प्रयागराज में बाबा का बुलडोजर ऐसा चला कि घर की ईंट से ईंट अलग हो गई...अब अगली बारी उन 37 लोगों की है जिन्होंने प्रयागराज में अशांति फैलाने की हिमाकत की थी।

कल तक इन बिखरे हुए मलबों की जगह एक आलीशान, शानदार मकान हुआ करता था...लेकिन अब यहां धूल उड़ रही है....चारों तरफ पत्थर और मलबे पड़े हुए हैं....ऐसा लग रहा है...जैसा यहां कोई भूकंप आया था ।  प्रयागराज के करैली इलाके में हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद का ये घर हुआ करता था....लेकिन उसके कर्मों का फल उसके पूरे परिवार को भुगतना पड़ा ।   

रविवार सुबह 11 बजे तक जावेद का ये दो मंजिला घर दूर से ही नजर आता था...घर बाहर से देखने में काफी सुंदर लगता था...लेकिन 4 घंटों के अंदर ही जावेद के घर का हाल क्या से क्या हो गया...मकान की न तो छत बची है और ना ही दीवार....घर की एक-एक ईंट एक-दूसरे से अलग हो चुकी है । दावा  है कि जावेद ने इसी घर में बैठकर प्रयागराज में हिंसा की प्लानिंग की थी ।

मकान को गिराने का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया

इस मकान को गिराने का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है....जावेद मोहम्मद के वकील का आरोप है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अवैध तरीके से मकान को गिराया है । दावा है कि जिस मकान पर रविवार को पीला पंजा चला है...वो जावेद के नाम पर नहीं बल्कि उसकी बेगम परवीन फातिमा के नाम पर था और परवीन फातिमा को ये मकान अपने पिता से गिफ्ट मिला था।

पुलिस के मुताबिक जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप ने पूरी साजिश रची

जावेद मोहम्मद ही वो शख्स है...जिसे प्रयागराज हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है । पुलिस के मुताबिक जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप ने पूरी साजिश रची है...वैसे इस साजिश में उसके साथ कई लोगों के शामिल होने का शक है...और अब गैंग्स ऑफ अटाला पर एक्शन की तैयारी हो रही है ।

'बवाल में AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम की भी भूमिका पाई गई है'

पुलिस की जांच में अटाला में हुए बवाल में AIMIM के जिला अध्यक्ष शाह आलम की भी भूमिका पाई गई है, उस पर शक इसलिए भी गहरा गया है कि वो अपने बंगले पर ताला बंद कर फरार है, बीते शुक्रवार को शहर में हिंसा फैलाने की साजिश रचने के आरोपी बनाए गए शाह आलम के अलावा कई और नाम साजिशकर्ताओं में शामिल हैं । इनमें करैली इलाके का पार्षद फजल,  जीशान रहमानी और आशीष मित्तल कुछ नाम हैं ।

'अटाला इलाके के रहने वाले आरोपियों के घर अगले कुछ दिनों में बुलडोजर गरजेगा'

प्रयागराज में जावेद के मकान के बाद अब बारी कुछ आरोपियों के घर की है । पुलिस और प्रशासन ने ऐसे 37 आरोपियों के घरों की पहचान कर ली है....अटाला इलाके के रहने वाले आरोपियों के घर अगले कुछ दिनों में बुलडोजर गरजेगा।  गुनाह की साजिश जितनी भी गहरी हो वो कानून की नजरों से बच नहीं सकती । 10 जून को प्रयागराज में उपद्रवियों ने जो गुनाह किया था..अब उसकी साजिश एक-एक कर बेपर्दा हो रही है । पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि 10 जून को हुई हिंसा में इलाके का एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल था । 

'एक नाश्ते की दुकान पर भी वो हिस्ट्रीशीटर देखा गया था'

.सूत्रों के मुताबिक जुमे की नमाज से पहले बाइक सवार दर्जनों युवक एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे उस जगह पर उनके साथ इलाके का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी था बाद में एक नाश्ते की दुकान पर भी वो हिस्ट्रीशीटर देखा गया था।
पुलिस ने उस हिस्ट्रीशीटर की पहचान तो कर ली है...अब उसकी गिरफ्तारी की तैयारी हो रही है ।खुलासा ये भी हुआ है कि प्रयागराज के उपद्रवियों ने मदरसे के बच्चों को अपना मोहरा बनाया था । शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रयागराज के खुल्दाबाद के इसी मदरसे के छात्र भी पत्थरबाजी में शामिल थे और यहां के छात्रों ने चेहरे पर नकाब बांध कर पुलिसवालों पर पत्थर बरसाए थे । 

सवाल है कि आखिर कौन था..जिसने मदरसे के नाबालिग बच्चों को पत्थरबाजी के लिए उकसाया ? सवाल तो ये भी है कि क्या प्रयागराज में हिंसा फैलाने के लिए दूसरे जिलों से भी लोग बुलाए गए थे?

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!