Jammu Kashmir terrorism: जम्मू-कश्मीर में स्थानीय स्तर पर आतंक में भर्ती पर सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षा एजेंसियों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अपडेटेड रिकॉर्ड्स के अनुसार, पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अब केवल 1 स्थानीय आतंकी सक्रिय बचा है। सुरक्षा बलों द्वारा मोस्ट वांटेड घोषित किए गए इस आतंकी का नाम मोहम्मद लतीफ भट है, जो दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का निवासी है।
कौन है मोहम्मद लतीफ भट और किन घटनाओं में है शामिल?
सुरक्षा बलों के अनुसार, मोहम्मद लतीफ भट लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक छद्म संगठन कश्मीर रिवोल्यूशन आर्मी (KRA) से जुड़ा हुआ है। KRA को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ध्यान भटकाने के उद्देश्य से बनाया था। सुरक्षा एजेंसियां इसे इन प्रमुख घटनाओं के लिए जिम्मेदार मानती हैं:
गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या: छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या।
पुलिस हेड कांस्टेबल की हत्या: 22 जुलाई को जेएंडके पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से हमला।
अमरनाथ यात्रा पर हमले की साजिश: लतीफ भट और उसके साथी जाकिर अहमद गनई पर अमरनाथ यात्रा में बाधा डालने की योजना बनाने का आरोप था।
बता दें कि 'ऑपरेशन शेरवाली' के तहत 8 जुलाई को अनंतनाग के जंगलों में सुरक्षा बलों ने 'ऑपरेशन शेरवाली' के तहत जाकिर अहमद गनई (Category-A आतंकी) को ढेर कर दिया था, लेकिन भट घेराबंदी तोड़कर भागने में कामयाब रहा। बता दें कि पिछले 5 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में स्थानीय युवाओं के आतंकवाद की ओर रुख करने में भारी गिरावट आई है।
बताया गया कि लगभग 5 वर्ष पहले 50–60 सक्रिय स्थानीय आतंकी थे जहां मई 2025 तक 17 सक्रिय स्थानीय आतंकी (14 कश्मीर, 3 जम्मू में) थे। अब वर्तमान स्थिति ऐसी है कि केवल 1 स्थानीय आतंकी (इसके मुकाबले घाटी/जम्मू क्षेत्र में 40–50 विदेशी आतंकी मौजूद बताए जाते हैं)।
