इस धरती पर कई तरह के खूंखार और खतरनाक जानवर पाए जाते हैं। मगर एक जानवर ऐसा भी है, जिसे देखने के बाद आपको डायनासोर और ड्रैगन जैसे विलुप्त जानवरों की याद आ जाएगी। यह जानवर इतना खतरनाक है कि ये खड़े-खड़े बड़े-बड़े जानवरों का काम तमाम कर देता है। यह खूंखार शिकारी एक झटके में दूसरे जानवरों को निगल जाता है।
दरअसल, हम जिस खूंखार जानवर की बात कर रहे हैं, उसका नाम कोमोडो ड्रैगन (Komodo Dragon) है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और खतरनाक छिपकली है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कोमोडो ड्रैगन नाम का यह खतरनाक जानवर सिर्फ इंडोनेशिया में ही पाया जाता है।
कोमोडो ड्रैगन को अगर आप पहली बार देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि जैसे कोई डायनासोर आज भी जिंदा हो। इसकी लंबाई करीब 10 फीट तक हो सकती है और वजन 70 से 90 किलो तक होता है। कुछ बड़े कोमोडो ड्रैगन का वजन इससे भी ज्यादा होता है।
कोमोडो ड्रैगन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी सूंघने की क्षमता गजब की होती है और यह कई किलोमीटर दूर से ही किसी घायल या मरे हुए जानवरों की गंध को पहचान सकता है। जैसे ही उसे किसी जानवर की गंध आती है, वैसे ही वह उसका शिकार करने के लिए उसकी तरफ बढ़ता है और तुरंत ही उसका काम तमाम कर देता है।
कोमोडो ड्रैगन सिर्फ छोटे जानवरों का ही नहीं, बल्कि हिरण, जंगली सूअर, भैंस और कई बार अपने ही जैसे दूसरे कोमोडो ड्रैगन का भी शिकार कर लेता है। यह अपने मजबूत जबड़ों और नुकीले दांतों से शिकार पर हमला करता है। इसी वजह से इसे जंगल का बेहद ही खतरनाक शिकारी माना जाता है।
कोमोडो ड्रैगन की एक और खासियत जो इसे और भी खतरनाक बनाती है, वो ये है कि इसकी जहरीली लार, दूसरे जानवरों की जान लेने के लिए काफी होती है। वैज्ञानिकों की माने तो, इसके मुंह में ऐसे बैक्टीरिया और जहर होते हैं जो शिकार पर पड़ते ही उसे कमजोर कर देते हैं। अगर कोई जानवर इसके हमले से बच भी जाए, तो कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ सकती है और वह मर भी सकता है।
हालांकि कोमोडो ड्रैगन इंसानों पर अक्सर हमला नहीं करता, लेकिन अगर उसे खतरा महसूस हो या कोई उसके बहुत करीब पहुंच जाए, तो वह हमला कर सकता है। कोमोडो ड्रैगन का घर इंडोनेशिया के कोमोडो, रिंका, फ्लोरेस, गिली मोटांग और कुछ आसपास के छोटे-छोटे द्वीप हैं। पूरी दुनिया में यह ड्रैगन सिर्फ इन्हीं इलाकों में पाया जाता है।