अच्छी बात यह है कि रेलवे के पास ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनसे वेटिंग टिकट होने के बावजूद कंफर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इनमें दो तरीके सबसे ज्यादा कारगर साबित होते हैं, तत्काल टिकट बुकिंग और विकल्प स्कीम। तत्काल टिकट के बारे में तो आपलोग जानते ही हैं लेकिन आज हम आपको विकल्प के बारे में बताएंगे।
विकल्प स्कीम ( IRCTC Vikalp Scheme) उन यात्रियों के लिए बनाई गई है, जिनके टिकट पर वेटिंग लगी हो। इसमें बुकिंग के समय आप ‘विकल्प’ चुन लेते हैं। यदि आपकी मूल ट्रेन में सीट कंफर्म नहीं होती, तो रेलवे आपको दूसरी ट्रेन में कंफर्म सीट अलॉट कर देता है। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता।
जब भी आप टिकट बुक करें तो विकल्प को जरूर चुनें, हालांकि इसे आपको तभी चुनना है जब वेटिंग हो। आमतौर पर IRCTC से टिकट बुकिंग के दौरान यदि वेटिंग टिकट मिलता है तो रेलवे आपसे Vikalp के बारे में पूछता है।
उसके बाद उसी रूट की कई ट्रेनों की लिस्ट सामने आती है जिनमें से आप 3-4 ट्रेन को अपनी सुविधानुसार चुन सकते हैं। यदि चार्ट बनने के बाद आपका टिकट कंफर्म नहीं होता है तो आपके द्वारा विकल्प के तौर पर चुनी हुई ट्रेन में टिकट मिल सकता है, हालांकि यात्रा की तारीख बदल भी सकती है।
तत्काल टिकट जहां सीधे बुकिंग में मदद करता है, वहीं विकल्प स्कीम सिस्टम-जेनरेटेड सीट अलॉटमेंट का तरीका है। भीड़ भरे मौसम जैसे दिवाली, छठ या गर्मियों की छुट्टियों में ये दोनों विकल्प यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन जाते हैं, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं दे सकते, लेकिन सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
अंत में अगर आपकी यात्रा अचानक तय हुई हो या सामान्य टिकट कंफर्म न हो रहा हो, तो तत्काल टिकट सबसे बड़ा सहारा है। यह सुविधा यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले खुलती है और सीमित सीटों पर तेजी से बुकिंग होती है। कई यात्री वेटिंग टिकट न मिलने पर तत्काल टिकट के जरिए आराम से सफर कर लेते हैं। बता दें कि कई ट्रेनों में दो दिन पहले भी तत्काल टिकट की बुकिंग होती है।
इन दो तरीकों को अपनाकर आप भीड़ वाले मौसम में भी ट्रेन से आराम से सफर कर सकते हैं। वैसे ये तरीके 100 प्रतिशत टिकट कंफर्म होने की गारंटी तो नहीं देते हैं लेकिन संभावना काफी बढ़ जाती है। वैसे भी यदि आप ट्रेन से अक्सर सफर करते हैं तो आपको सभी नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।