यह सवाल सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी ने उठाया था, जिन्होंने जानना चाहा कि क्या रेलवे भी एयरपोर्ट की तरह सख्त बैगेज नियम लागू करेगा। इसके जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि फिलहाल यात्रियों के लिए डिब्बों के भीतर सामान ले जाने की क्लास-वाइज अधिकतम सीमा पहले से निर्धारित है।
रेल मंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार सेकेंड क्लास में 35 किलोग्राम तक सामान मुफ्त और 70 किलोग्राम तक शुल्क देकर ले जाना होगा। वहीं स्लीपर क्लास में 40 किलोग्राम मुफ्त, अधिकतम 80 किलोग्राम तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: iStock)
एसी 3 टियर / चेयर कार में 40 किलोग्राम (यही अधिकतम सीमा भी है), फर्स्ट क्लास / एसी 2 टियर: 50 किलोग्राम मुफ्त, 100 किलोग्राम तक अनुमति और एसी फर्स्ट क्लास: 70 किलोग्राम मुफ्त, 150 किलोग्राम तक शुल्क देकर ले जा सकेंगे। रेल मंत्री ने साफ किया कि अधिकतम सीमा में मुफ्त लगेज भी शामिल होता है।
यदि कोई यात्री तय मुफ्त सीमा से ज्यादा सामान अपने साथ डिब्बे में ले जाना चाहता है, तो वह क्लास के अनुसार अधिकतम सीमा तक ऐसा कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे लगेज रेट का 1.5 गुना शुल्क देना होगा।
रेलवे के नियमों के मुताबिक, यात्री डिब्बे में वही ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स ले जा सकते हैं जिनका बाहरी माप 100 सेमी × 60 सेमी × 25 सेमी (लंबाई × चौड़ाई × ऊंचाई) से अधिक न हो। अगर किसी सामान का साइज इन मापों में से किसी एक से भी ज्यादा है, तो उसे ब्रेक वैन (SLR) या पार्सल वैन में बुक कराना अनिवार्य होगा। ऐसे सामान को यात्री डिब्बे में ले जाने की अनुमति नहीं है। फोटो- (PTI)
रेल मंत्री ने यह भी दोहराया कि व्यावसायिक या व्यापारिक सामान को व्यक्तिगत लगेज के रूप में डिब्बे में ले जाने की अनुमति नहीं है। तय सीमा से ज्यादा सामान को रेलवे नियमों के तहत ब्रेक वैन में ही बुक किया जाता है।