NIT से इंजीनियरिंग के बाद UPSC पर निशाना, चौथीं रैंक लाकर सौम्या ने रचा इतिहास

IAS Saumya Pandey Success story cracked upsc after engineering with 4th rank: संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा को पहले प्रयास में प्रयागराज की रहने वाली सौम्या पांडे ने ना केवल क्रैक किया बल्कि ऑल इंडिया चौथी रैंक लाकर इतिहास रच दिया।

Authored by: Kuldeep RaghavUpdated Sep 9 2026, 11:36 IST
आईएएस सौम्या पांडेImage Credit : Instagram01 / 07

आईएएस सौम्या पांडे

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं।

पहले प्रयास में सफलताImage Credit : Instagram02 / 07

पहले प्रयास में सफलता

इस परीक्षा को पहले प्रयास में प्रयागराज की रहने वाली सौम्या पांडे ने ना केवल क्रैक किया बल्कि ऑल इंडिया चौथी रैंक लाकर इतिहास रच दिया।

बरेली में वीसी हैं सौम्या Image Credit : Instagram03 / 07

बरेली में वीसी हैं सौम्या

2017 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी सौम्या पांडेय ने जून 2026 में बरेली विकास प्राधिकरण यानी बीडीए की उपाध्यक्ष का पदभार संभाला।

यूपीएससी में चौथी रैंकImage Credit : Instagram04 / 07

यूपीएससी में चौथी रैंक

उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करते हुए पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया।

23 की उम्र में आईएएसImage Credit : Instagram05 / 07

23 की उम्र में आईएएस

महज 23 वर्ष की उम्र में मिली इस उपलब्धि ने सौम्या पांडे को देश की चर्चित युवा आईएएस अधिकारियों में शामिल कर दिया। आपको बता दें कि सौम्या पांडे इंजीनियरिंग में भी गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

हमेशा रहीं टॉपरImage Credit : Instagram06 / 07

हमेशा रहीं टॉपर

सौम्या हमेशा अपने एकेडमिक में अच्छी रही हैं। वह 10वीं में 98% और 12वीं में 97.8 % नंबरों के साथ जिले की टॉपर रहीं। हालांकि जब यूपीएससी का रिजल्ट आया तो वह लिस्ट में नीचे से अपना नाम खोज रही थी।

बताया दिलचस्प वाकयाImage Credit : Instagram07 / 07

बताया दिलचस्प वाकया

इंटरव्यू में सौम्या कहती हैं- मैंने 2016 में एग्जाम दिया था। 2017 में रिजल्ट आया। उन्होंने PDF में नीचे से नाम देखना शुरू किया। जब नाम काफी देर तक नहीं दिखा तो रुकीं और बोलीं कि अगली बार फिर तैयारी रकेंगी। तब मां ने कहा कि एक बार ऊपर से चेक कर लो।

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