पीएम किसान की 22वीं किस्त से कुछ दिन पहले ही बिहार सरकार की ओर से कहा गया है कि इस बार बिहार के किसानों को 3,000 रुपये मिलेंगे। इस तरह बिहार के किसानों को हर साल 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये मिलेंगे यानी हर किस्त में 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिलेंगे।
इस महीने की शुरुआत में ही राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि अब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अलावा राज्य सरकार भी किसानों को सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त देगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंचेगा।
आपको बता दें कि पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया है। सभी किसानों को अब फार्मर आईडी बनवानी ही होगी। इसके लिए ब्लॉक और पंचायत स्तर पर कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
सभी किसानों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी तो आपको बता दें कि सरकार की ओर से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन जो चीजें समझ आ रही हैं, वो ये हैं कि सरकार फिलहाल फार्मर आईडी पर फोकस कर रही है।
इसके अलावा कई राज्यों में पीएम किसान योजना से किसानों के नाम भी कट रहे हैं। अकेले यूपी में ही 19 लाख किसानों की 22वीं किस्त रोकी गई है और इसकी जानकारी सरकार ने आधिकारिक तौर पर दी है। इसके अलावा राजस्थान में भी कई किसानों के नाम कटे हैं।
सरकार के संबंधित विभाग ने कुछ ऐसे मामलों की पहचान की है जो पीएम-किसान योजना की गाइडलाइन में तय किए गए अपात्रता मानकों के दायरे में आ सकते हैं। इन मामलों को फिलहाल सत्यापन के लिए चिन्हित किया गया है। विभाग के अनुसार वे किसान जिन्होंने 01-02-2019 के बाद जमीन का स्वामित्व प्राप्त किया है। उनकी किस्त रोकी जा सकती है। इसके अलावा ऐसे मामले जहां एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं, जैसे पति-पत्नी दोनों, या परिवार का वयस्क और नाबालिग सदस्य।
आप अपना नाम लाभार्थी सूची में ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं और होमपेज पर “Beneficiary List” विकल्प पर क्लिक करें। इसके अलावा आप गांववार भी लिस्ट देख सकते हैं।
वेबसाइट पर जाने के बाद राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करें और “Get Report” पर क्लिक करें। पोर्टल पर गांववार लाभार्थियों की सूची दिखाई देगी, जिसमें किसान अपना नाम खोजकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें अगली किस्त मिलेगी या नहीं।