सोशल मीडिया पर इन दिनों FASTag को लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से 7-सीटर निजी गाड़ियों पर एनुअल FASTag पास काम नहीं करेगा, जबकि 5-सीटर कारों के लिए यह वैध रहेगा। पोस्ट में दावा किया गया है कि “NHAI ने इसे कंफर्म किया है” जिससे आम वाहन चालकों में भ्रम और चिंता का माहौल बन गया है। आइए जानते हैं कि आखिर सच क्या है?
वायरल इमेज में बड़े अक्षरों में “IMPORTANT NOTICE” लिखा है और कहा गया है कि जनवरी 2026 से एनुअल FASTag पास का नया नियम लागू होगा। इमेज में एक 7-सीटर कार पर क्रॉस का निशान और 5-सीटर कार पर टिक का निशान दिखाया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि 7-सीटर गाड़ियों के लिए FASTag पास अब काम नहीं करेगा। इमेज को आधिकारिक दिखाने के लिए NHAI का लोगो भी लगाया गया है।
इस दावे की सच्चाई यह है कि NHAI या सरकार की ओर से FASTag को लेकर ऐसा कोई नियम जारी नहीं किया गया है। यह पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक जानकारी है। न तो 7-सीटर और न ही 5-सीटर निजी वाहनों के FASTag नियमों में किसी तरह का बदलाव किया गया है। NHAI पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है।
इस तरह की फर्जी पोस्ट लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ ठगी का जरिया भी बन सकती हैं। कई बार ऐसे मैसेज के जरिए नकली लिंक साझा किए जाते हैं, जिन पर क्लिक करने से लोगों की निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स चोरी हो सकती हैं। इसलिए किसी भी “नए नियम” पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल FASTag सभी निजी वाहनों चाहे वे 5-सीटर हों या 7-सीटर के लिए पहले की तरह वैध है। टोल प्लाजा पर शुल्क वाहन की श्रेणी के आधार पर लिया जाता है, न कि सीटों की संख्या के आधार पर। FASTag से जुड़े किसी भी बदलाव की जानकारी हमेशा NHAI या सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए ही दी जाती है।
FASTag को लेकर वायरल हो रही यह इमेज पूरी तरह से फेक न्यूज है। आम लोगों को सलाह है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी पोस्ट को न तो शेयर करें और न ही उस पर भरोसा करें। किसी भी सरकारी योजना या नियम की सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें, ताकि भ्रम और नुकसान से बचा जा सके।