एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। अब उपभोक्ता घर बैठे अपने स्मार्टफोन के जरिए आधार प्रमाणीकरण (Authentication) या ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी कर सकते हैं।
यह सुविधा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई है, जिससे एलपीजी सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, एलपीजी उपभोक्ता अब मोबाइल फोन के जरिए चेहरे की पहचान (Face Authentication) से आधार प्रमाणीकरण कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को https://www.pmuy.gov.in/e-kyc.html लिंक पर जाना होगा या उपलब्ध कराए गए QR कोड को स्कैन करना होगा।
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी गैस सिलेंडर कंपनी जैसे भारत गैस, इंडेन या फिर एचपी गैस का आधिकारिक ऐप और UIDAI का ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप डाउनलोड करना होगा।
इसके बाद संबंधित ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए चेहरे को स्कैन कर आधार प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। 8वीं और 9वीं रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी प्राप्त करने के लिए वित्तीय वर्ष में आधार प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी जरूरी है। यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है तो 7वीं रिफिल के बाद सब्सिडी रोकी जा सकती है।
अधिक जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता अपने एलपीजी वितरक से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर कॉल कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक एलपीजी उपभोक्ता इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाकर समय और संसाधनों की बचत कर सकें।
सरकार के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में यदि उपभोक्ता एक बार बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी पूरा कर लेता है, तो उसी वर्ष दोबारा ई-केवाईसी कराने की आवश्यकता नहीं होगी। ई-केवाईसी पूरी होने पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।