शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों का प्रोटेस्ट खत्म हो चुका है। प्रदर्शनकारी लौट गए हैं। जेन जी कहलाने वाले ये प्रदर्शनकारी भले यहां से चले गए हों, लेकिन अपने पीछे बहुत सी ऐसी चीजें छोड़ गए हैं जो लोगों के दिमाग में अब भी घूम रही हैं। पिछले एक सप्ताह में प्रोटेस्ट कर रहे Gen Z ने इंस्टाग्राम और मीम की दुनिया से निकाल ऐसे-ऐसे इशारे और स्लैंग दुनिया के सामने रखे, जिनसे बहुत से लोग अनजान थे। इन्हीं में से एक था - वास्तेगुना हुइया (Vasteguna Huiya)।
यहां आपको बता दें कि यह कोई नारा नहीं है। यह कोई गाली भी नहीं है। इसका कोई राजनीतिक मतलब भी नहीं है। फिर भी यह सोशल मीडिया से सड़क तक इसने खूब ध्यान खींचा। आपने भी सोशल मीडिया में वो रील जरूर देखा होगा कि प्रदर्शनकारी अचानक पुलिसवालों के पास पहुंचते, वास्तेगुना हुइया बोलते, अजीब आवाजें निकालते और फिर हंसने लगते। पुलिसकर्मी भी समझ नहीं पाते कि ये बोल क्या रहे हैं और इस पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए।
वास्तेगुना हुइया का मतलब होता क्या है?
उन पुलिसवालों की तरह आपके मन में भी सवाल जरूर आया होगा कि आखिर ये वास्तेगुना हुइया है क्या। तो बता दें कि, अगर आप किसी शब्दकोश में वास्तेगुना हुइया खोजेंगे, तो आपको ये कहीं नहीं मिलेगा। दरअसल इसका कुछ मतलब है ही नहीं।
दरअसल यह इंटरनेट और रील कल्चर से निकला एक तरह का नॉनसेंस फ्रेज है। यानी ऐसी बात जिसका कोई मतलब ही ना हो। इसका इस्तेमाल बस माहौल बनाने, थोड़ा सा ह्यूमर पैदा करने या सामने वाले को चौंकाने के लिए किया जाता है। बिल्कुल वैसे ही जैसे बच्चे कभी-कभी बिना मतलब के तुकबंदी वाले शब्द बोलते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि ये शब्द किसी कानून का उल्लंघन नहीं करता। यह न अपमानजनक है, न हिंसा के लिए उकसाता है और न ही किसी समुदाय के खिलाफ है। यही वजह है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कई बार असमंजस में दिखी। प्रदर्शनकारी हंसते हुए यह शब्द बोलते रहे और पुलिस के पास प्रतिक्रिया देने की कोई स्पष्ट वजह नहीं थी।
कहां से शुरू हुई 'Vasteguna Huiya'?
इंस्टाग्राम पर कई कंटेंट क्रिएटर्स का दावा है कि इस ट्रेंड की शुरुआत भारत में नहीं हुई थी। सोशल मीडिया के शुरुआती दौर में इंस्टाग्राम और टिकटॉक से पहले Vine नाम का एक प्लेटफॉर्म बेहद लोकप्रिय था। यहां यूजर्स कुछ सेकेंड के छोटे और मजेदार वीडियो बनाया करते थे।
इसी प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक लड़का बार-बार 'Can I get a Hoya?' कहता नजर आता है। वीडियो महज कुछ सेकेंड का था, लेकिन उसकी अलग शैली और मजेदार अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि यह देखते ही देखते एक वायरल मीम बन गया। बाद में यही लाइन अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगी।
भारत में इस ये शब्द एक वायरल वीडियो से फैला। इस वीडियो में एक लड़का मजाकिया अंदाज में एक बुजुर्ग से पूछता है- चाचा, वास्तेगुना हुइया?। यह डायलॉग 'Can I get a Hoya?' का देसी और फनी वर्जन माना गया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। देखते ही देखते इसे लाखों-करोड़ों बार देखा गया। इसके बाद इंस्टाग्राम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर लोगों ने इसी अंदाज में रील्स और मीम्स बनाना शुरू कर दिया। देखते-देखते शब्द जेन जी की भाषा का हिस्सा बन गया।

सीजेपी के प्रोटेस्ट में खूब वायरल हुआ ये स्लैंग
हो सकता है कुछ समय बाद यह शब्द भुला दिया जाए। लेकिन यह उस बदलाव की याद जरूर दिलाएगा, जब भारत के छात्र आंदोलनों में नारों के साथ-साथ मीम कल्चर भी उतर आया था।
