खैर, आज हम गंगा एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि टोल प्लाजा और टोल टैक्स के नियमों की बात करेंगे। दरअसल NHAI का एक नियम है कि यदि टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर अगर लाइन 100 मीटर से ज्यादा लंबी है तो वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स नहीं देना होगा।
इसके लिए कई टोल प्लाजा पर बकायदा पीली लाइन भी दिखती है कि अगर ट्रैफिक पीली लाइन से आगे पहुंच जाती है तो टोल माफ कर दिया जाए, लेकिन इस नियम में अब बदलाव हो चुका है।
दरअसल NHAI का यह नियम कोरोना के समय यानी 2021 का है जिसे 2024 में खत्म कर दिया गया था। इस नियम के तहत अगर किसी टोल लेन में वाहनों की कतार 100 मीटर से ज्यादा हो जाती थी, तो बैरियर खोलकर बिना टोल शुल्क लिए वाहनों को गुजरने देना होता था, हालांकि यह नियम 2021 में लागू किया गया था, लेकिन इसका पालन बहुत कम जगहों पर हुआ और लगातार शिकायतें सामने आती रहीं।
मई 2021 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, टोल प्लाजा पर इतना इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए था कि पीक ऑवर में भी टोल वसूली में 10 सेकंड से ज्यादा समय न लगे। साथ ही, यदि किसी लेन में वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक हो जाती, तो वहां फ्री फ्लो की अनुमति देनी होती थी। इसके लिए टोल प्लाजा से 100 मीटर दूरी पर एक पीली लाइन भी चिन्हित करने का प्रावधान था।
NHAI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, “सेवा समय” से जुड़ा यह प्रावधान अब हटा दिया गया है। कारण यह बताया गया है कि National Highways Fee Rules 2008 में इस तरह की कोई छूट या फ्री फ्लो का प्रावधान नहीं है। इस नियम को लागू करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं था और इसको लेकर संसद में भी कई सवाल उठाए गए थे।
नियम हटाने के बाद 2024 में ही NHAI ने अब टोल प्लाजा की निगरानी के लिए नया कदम उठाया था। उस दौरान 100 ऐसे टोल प्लाजा को चुना गया था, जहां वेटिंग टाइम 5 मिनट या उससे अधिक रहता था। यहां लाइव फीड सिस्टम के जरिए ट्रैफिक की निगरानी हो रही थी और लंबी कतार होने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही थी।
तो यदि आपने भी कहीं से पढ़ा है या किसी दोस्त ने बताया है कि टोल प्लाजा पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगी है तो आपको टैक्स नहीं देना हो तो समझ लीजिए कि आप बुरे फंस सकते हैं। टोल प्लाजा पर जाम हो या ना हो, आपको हर हाल में टैक्स देना ही होगा।