ट्रेन में किसे और कैसे मिलती है लोअर बर्थ, खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

IRCTC: यदि आप भी अक्सर रेल में सफर करते हैं और आपके साथ कोई महिला होती हैं या फिर कोई बड़े-बुजुर्ग होते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। रेल में सफर के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत लोअर बर्थ को लेकर होती है, खासतौर पर यदि आपके साथ कोई बुजुर्ग सफर कर रहे हों या फिर वे अकेले ही सफर क्यों नहीं कर रहे हों। अब खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया किस आधार पर ट्रेन में लोअर बर्थ मिलती है। आइए जानते हैं..​

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Dec 7 2025, 07:50 IST
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कैस मिलती है लोअर बर्थ

​रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि अब ट्रेन टिकट बुक करते समय वरिष्ठ नागरिकों और 45 वर्ष से ज्यादा आयु की महिलाओं को लोअर बर्थ अपने आप अलॉट हो जाती है यानी यदि बुकिंग के समय यह ऑप्शन न भी चुना जाए, तब भी उपलब्धता के आधार पर रेलवे खुद इसे असाइन कर देता है।​

किसके लिए कितना लोअर बर्थ कोटा है?Image Credit : Canva02 / 07

किसके लिए कितना लोअर बर्थ कोटा है?

​रेल मंत्री के अनुसार, सीनियर सिटीजन, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से सीटें रिजर्व की गई हैं। इनमें स्लीपर कोच में: 6–7 लोअर बर्थ, 3AC में: 4–5 लोअर बर्थ, 2AC में: 3–4 लोअर बर्थ शामिल हैं। ये सीटें विशेष रूप से वरिष्ठ यात्रियों, 45 वर्ष से ऊपर की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए रखी जाती हैं।​

​दिव्यांग यात्रियों के लिए खास व्यवस्था​Image Credit : Canva03 / 07

​दिव्यांग यात्रियों के लिए खास व्यवस्था​

​उन्होंने बताया कि सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांग यात्रियों और उनके सहयात्रियों के लिए अलग आरक्षण होता है। इसमें राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं।​

​नियमों के अनुसार स्लीपर और 3AC/3E में: 4 बर्थ आरक्षित (2 लोअर + 2 मिडिल), 2S और AC चेयर कार में: 4 सीटें दिव्यांग श्रेणी के लिए सुरक्षित रहती हैं।​Image Credit : Canva04 / 07

​नियमों के अनुसार स्लीपर और 3AC/3E में: 4 बर्थ आरक्षित (2 लोअर + 2 मिडिल), 2S और AC चेयर कार में: 4 सीटें दिव्यांग श्रेणी के लिए सुरक्षित रहती हैं।​

​खाली सीट मिलने पर किसे प्राथमिकता?​Image Credit : Canva05 / 07

​खाली सीट मिलने पर किसे प्राथमिकता?​

​यदि यात्रा के दौरान कोई लोअर बर्थ खाली रह जाती है, तो उसे वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिला और दिव्यांग यात्री (यदि उन्हें पहले अपर या मिडिल बर्थ मिली हो) की प्राथमिकता के आधार पर अलॉट किया जाता है। रेलवे का उद्देश्य है कि इन यात्रियों को सफर के दौरान अधिक से अधिक सुविधा और सुरक्षा मिल सके।​

​दिव्यांग यात्रियों के लिए कोच में सुधार​Image Credit : Canva06 / 07

​दिव्यांग यात्रियों के लिए कोच में सुधार​

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे कोचों में कई सुधार किए गए हैं, ताकि दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

इनमें चौड़े दरवाजे और बड़े कम्पार्टमेंट, चौड़ी बर्थ, व्हीलचेयर रखने की व्यवस्था, बड़े शौचालय, साइड वॉल पर ग्रैब रेल्स और वॉश बेसिन और मिरर की उपयुक्त ऊंचाई शामिल हैं।​Image Credit : Canva07 / 07

इनमें चौड़े दरवाजे और बड़े कम्पार्टमेंट, चौड़ी बर्थ, व्हीलचेयर रखने की व्यवस्था, बड़े शौचालय, साइड वॉल पर ग्रैब रेल्स और वॉश बेसिन और मिरर की उपयुक्त ऊंचाई शामिल हैं।​

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