ट्रेन लेट होने पर मिलेगा फुल रिफंड, बस करना होगा ये काम

Indian Railways Train Ticket Refund Rules: सर्दियों में ठंड के कारण ट्रेनें अक्सर घंटों लेट हो जाती हैं। ऐसे में कई यात्री अपना प्लान बदलकर बस, कार या अन्य साधनों से यात्रा पूरी कर लेते हैं। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक अच्छा नियम बनाया है। अगर ट्रेन काफी लेट हो तो आप पूरा किराया वापस पा सकते हैं। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ट्रेन लेट होने पर रिफंड कैसे और कब मिलता है। सर्दियों का मौसम ट्रेन यात्रा के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन रेलवे के इन नियमों की जानकारी होने से आपकी परेशानी कम हो सकती है। अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो रही है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो बिना देर किए TDR फाइल कर लें। इससे आपका पूरा पैसा सुरक्षित वापस मिल जाएगा।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Jan 16 2026, 13:24 IST
​ट्रेन लेट होने पर रिफंड का नियम क्या है?​Image Credit : Istock01 / 07

​ट्रेन लेट होने पर रिफंड का नियम क्या है?​

भारतीय रेलवे की रिफंड पॉलिसी के मुताबिक, अगर ट्रेन अपने तय समय से 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है, तो यात्री पूरा किराया वापस पा सकते हैं। यह नियम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए है जो ट्रेन के देर से आने की वजह से यात्रा छोड़ देते हैं। कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं कटता और टिकट चाहे कन्फर्म हो, RAC हो या वेटलिस्ट, सब पर पूरा पैसा मिल जाता है।

​फुल रिफंड मिलने की मुख्य शर्तें​Image Credit : Istock02 / 07

​फुल रिफंड मिलने की मुख्य शर्तें​

रिफंड तभी मिलेगा जब ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन (जहां से आप चढ़ने वाले हैं) पर 3 घंटे से ज्यादा लेट पहुंचे। दूसरी अहम शर्त यह है कि आपने ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान (जब ट्रेन स्टेशन से चली) से पहले ही Ticket Deposit Receipt (TDR) फाइल कर दिया हो। साथ ही, एक PNR पर बुक सभी यात्रियों ने यात्रा नहीं की हो। अगर ये तीनों बातें पूरी होंगी तो रेलवे पूरा किराया आपके बैंक अकाउंट में वापस कर देगा।

​किन मामलों में रिफंड नहीं मिलेगा?​Image Credit : Istock03 / 07

​किन मामलों में रिफंड नहीं मिलेगा?​

अगर आप ट्रेन के चलने के बाद TDR फाइल करते हैं तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसी तरह अगर टिकट पहले से कैंसिल कर दिया गया हो या PNR के कुछ यात्री ट्रेन में चढ़ गए हों और कुछ न गए हों, तो भी रिफंड नहीं मिलता। इसलिए सही समय पर एक्शन लेना बहुत जरूरी है। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने का इंतजार करने के बजाय जैसे ही 3 घंटे की देरी कन्फर्म हो, तुरंत TDR फाइल कर दें।

​TDR क्या होता है और क्यों फाइल करना पड़ता है?​Image Credit : Istock04 / 07

​TDR क्या होता है और क्यों फाइल करना पड़ता है?​

TDR का मतलब है टिकट डिपॉजिट रिसीट। जब आप यात्रा नहीं करते और रिफंड चाहते हैं तो यह एक तरह का ऑनलाइन आवेदन होता है। IRCTC के जरिए TDR फाइल करने से आपका टिकट सिस्टम में रद्द हो जाता है और रिफंड प्रोसेस शुरू हो जाता है। बिना TDR फाइल किए रिफंड नहीं मिलता, चाहे ट्रेन कितनी भी लेट क्यों न हो।

​IRCTC पर TDR फाइल करने के आसान स्टेप्स​Image Credit : Istock05 / 07

​IRCTC पर TDR फाइल करने के आसान स्टेप्स​

सबसे पहले www.irctc.co.in पर लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद ऊपर 'My Account' पर क्लिक करें। फिर 'My Transactions' में जाएं और 'File TDR' ऑप्शन चुनें। यहां आपका बुक किया हुआ PNR दिखेगा। उस PNR को सेलेक्ट करें जिसके लिए रिफंड चाहिए।

​अंतिम कन्फर्मेशन और सफलता​Image Credit : Istock06 / 07

​अंतिम कन्फर्मेशन और सफलता​

स्क्रीन पर कुछ जरूरी निर्देश दिखेंगे। उन्हें ध्यान से पढ़ें और 'YES' पर क्लिक करें। जैसे ही TDR सफलतापूर्वक फाइल हो जाएगा, आपको 'TDR Filed Successfully' का मैसेज दिखेगा। आप बाद में TDR स्टेटस भी चेक कर सकते हैं। रिफंड आमतौर पर कुछ दिनों में आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है।

​PNR चुनने और कारण बताने की प्रक्रिया​Image Credit : Istock07 / 07

​PNR चुनने और कारण बताने की प्रक्रिया​

PNR चुनने के बाद ड्रॉपडाउन मेन्यू से कारण चुनें। ट्रेन लेट होने के लिए 'Train Late/Cancelled' या ऐसा ही कोई विकल्प चुनें। फिर PNR में शामिल यात्रियों की लिस्ट आएगी। जितने यात्रियों का रिफंड चाहिए, उन्हें चुनें। अगर सभी यात्रियों ने यात्रा नहीं की है तो सभी को सेलेक्ट करें। इसके बाद 'File TDR' बटन दबाएं।

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