अगर आपके साथ भी बार-बार प्लान बनाने के बावजूद ट्रिप कैंसिल हो रही है तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत से लोग घूमने का मन तो खूब बनाते हैं, लेकिन उसे असल में पूरा नहीं कर पाते। आइए समझते हैं कि आखिर ट्रिप का प्लान बनकर भी बार-बार कैंसिल क्यों हो जाता है।
ट्रिप की सबसे बड़ी मुश्किल- जाना कब है? इस सवाल पर आती है। किसी को छुट्टी नहीं मिलती, किसी की पहले से कोई जिम्मेदारी होती है और किसी का काम का शेड्यूल तय नहीं होता। यही वजह है कि सिर्फ घूमने की बात करने के बजाय एक तय तारीख चुनना जरूरी है। जब तारीख पक्की नहीं होती, तो ट्रिप सिर्फ बातचीत तक ही रह जाती है।
छुट्टी लेने का मन तो होता है, लेकिन छुट्टी मांगने के बारे में सोचते ही मन घबराने लगता है। कई लोग इस डर से भी ट्रिप टाल देते हैं कि उनके पीछे ऑफिस में काम बढ़ जाएगा। अगर हर बार काम को ही प्राथमिकता दी जाए, तो घूमने का मौका लगातार टलता रहेगा।
कई लोग ट्रिप को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं और इन सवालों के जवाब ढूंढते-ढूंढते पूरा उत्साह ही खत्म हो जाता है।
अगर ग्रुप में पांच-छह लोग हैं, तो सभी की पसंद एक जैसी होना मुश्किल है। एक व्यक्ति के कारण भी पूरा प्लान रुक सकता है। ऐसे में हर किसी की पसंद का इंतजार करते-करते ट्रिप आगे बढ़ने के बजाय खत्म हो जाती है।
कई बार जगह देखकर मन खुश हो जाता है। लेकिन जब होटल, टिकट, खाना और घूमने-फिरने का खर्च जोड़ते हैं, तो बजट उम्मीद से काफी ज्यादा निकल जाता है। फिर लगता है कि अभी पैसे बचा लेते हैं।