ढाई दिन का अशुभ काल शुरू, इन 6 राशियों को भारी नुकसान दे सकता है चंद्रमा का सिंह में जाना

Moon Transit In Leo 2026: चंद्रमा ने सिंह राशि में गोचर कर लिया है। चंद्रमा के इस गोचर से कुछ राशि वालों को नुकसान होने की आशंका है। इसका कारण इस राशि में पहले से मौजूद केतु है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह गोचर शुभ नहीं रहेगा।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Aug 13 2026, 18:26 IST
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Moon Transit In Leo 2026 चंद्रमा का सिंह में गोचर

Moon Transit In Leo 2026: 13 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजकर 6 मिनट पर चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं। सिंह राशि में पहले से केतु मौजूद हैं। ऐसे में चंद्रमा का केतु के प्रभाव में आना ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंद्रमा मन, भावनाओं, मानसिक शांति, मां, सुख और हमारी भावनात्मक प्रतिक्रिया के कारक हैं। वहीं केतु अलगाव, भ्रम, असंतोष, अचानक बदलाव और चीजों से मन हटने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है। ऐसे में चंद्रमा और केतु का साथ कई बार व्यक्ति के मन को अस्थिर कर सकता है। इसका असर हमेशा किसी बड़ी बाहरी घटना के रूप में ही दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कई बार इसका प्रभाव बेचैनी, ओवरथिंकिंग, किसी अपने से भावनात्मक दूरी, निर्णय लेने में भ्रम और छोटी-छोटी बातों को लेकर मन परेशान रहने के रूप में नजर आता है। सिंह राशि से बनने वाले भावों और चंद्रमा-केतु के प्रभाव को देखते हुए कुछ राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी रखनी चाहिए। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।

​वृषभ राशि​02 / 09

​वृषभ राशि​

वृषभ राशि से सिंह चौथा भाव है। चौथा भाव मां, घर, प्रॉपर्टी, वाहन, सुख-सुविधा और मानसिक शांति का भाव माना जाता है। चंद्रमा स्वभाव से ही मन और घरेलू सुख से जुड़ा ग्रह है। ऐसे में चौथे भाव में केतु के प्रभाव के साथ उसका गोचर मानसिक शांति को ज्यादा प्रभावित कर सकता है। घर में किसी छोटी बात को लेकर तनाव बन सकता है। मां के स्वास्थ्य या उनके साथ किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े फैसलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। कई लोगों को बिना किसी बड़े कारण के अपने ही घर में बेचैनी महसूस हो सकती है। चौथे भाव में चंद्रमा की स्थिति मन और घरेलू सुख को प्रभावित करती है, जबकि केतु भावनात्मक दूरी और असंतोष बढ़ा सकता है। माता-पिता का आशीर्वाद लें और शिवलिंग पर सफेद फूल अर्पित करें।

​सिंह राशि​03 / 09

​सिंह राशि​

सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर सीधे पहले भाव में हो रहा है। पहला भाव व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, शरीर और मानसिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। यहीं केतु की मौजूदगी चंद्रमा के प्रभाव को ज्यादा संवेदनशील बना देती है। इस दौरान बाहर से आत्मविश्वास नजर आ सकता है, लेकिन भीतर से किसी बात को लेकर भ्रम या असंतोष बना रह सकता है। कभी किसी काम को लेकर बहुत उत्साह रहेगा और कुछ समय बाद उसी काम से मन हट सकता है। रिलेशनशिप्स में भी गलतफहमी पैदा हो सकती है। सामने वाला कुछ और कह रहा हो और आपको उसका मतलब कुछ और महसूस हो, ऐसी स्थिति बन सकती है। करियर या पैसों से जुड़ा कोई बड़ा फैसला भी केवल उस समय की भावनात्मक स्थिति में आकर लेने से बचना चाहिए। चंद्रमा सीधे लग्न में है और केतु के साथ होने के कारण मानसिक स्पष्टता प्रभावित हो सकती है। शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ सोम सोमाय नमः' का 108 बार जाप करें।

​कन्या राशि​04 / 09

​कन्या राशि​

कन्या राशि से सिंह बारहवां भाव है। बारहवां भाव खर्च, विदेश, एकांत, नींद और मानसिक रूप से खुद के भीतर जाने से जुड़ा है। चंद्रमा यहां केतु के प्रभाव में आने पर अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। जरूरत और भावनात्मक खर्च के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है। नींद का रूटीन भी बिगड़ सकता है। रात में ज्यादा सोचना, पुरानी बातों को याद करना या भविष्य को लेकर असमंजस महसूस होना परेशान कर सकता है। विदेश या दूर स्थान से जुड़े काम में भी कुछ अनिश्चितता आ सकती है। हालांकि ध्यान, मेडिटेशन, आध्यात्मिक साधना और अकेले बैठकर प्लानिंग करने के लिए यह समय उपयोगी भी हो सकता है। बारहवें भाव में चंद्रमा-केतु का प्रभाव खर्च, नींद और मानसिक सुकून से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है। चंद्रमा को दूध मिले जल का अर्घ्य दें और रात में सोने से पहले 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

​मकर राशि​05 / 09

​मकर राशि​

मकर राशि से सिंह आठवां भाव है। आठवां भाव अचानक होने वाले बदलाव, मानसिक दबाव, साझा धन, निवेश, गुप्त मामलों और अनिश्चित परिस्थितियों से जुड़ा माना जाता है। चंद्रमा का यहां केतु के प्रभाव में आना मकर राशि वालों को भीतर से बेचैन कर सकता है। पुरानी किसी बात को लेकर चिंता बढ़ सकती है। जीवनसाथी या परिवार से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर मन में संदेह भी पैदा हो सकता है। साझा धन, लोन, निवेश या पैसों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। किसी अधूरी जानकारी के आधार पर फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, आठवें भाव का एक सकारात्मक पहलू भी है। रिसर्च, गुप्त विषयों, ज्योतिष, अध्यात्म या किसी मामले की गहराई में जाकर जानकारी हासिल करने के लिए यह समय उपयोगी रह सकता है। आठवें भाव में चंद्रमा-केतु का प्रभाव मानसिक अस्थिरता और अचानक बदलाव की स्थिति बढ़ा सकता है। काले तिल का दान करें और 'ॐ कें केतवे नमः' का 108 बार जाप करें।

​धनु राशि​06 / 09

​धनु राशि​

धनु राशि से सिंह नवम भाव है। नवम भाव भाग्य, धर्म, गुरु, पिता, उच्च शिक्षा और लंबी यात्राओं का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा का यहां केतु के प्रभाव में आना व्यक्ति के अपने विश्वास और फैसलों को लेकर असमंजस पैदा कर सकता है। जिस रास्ते को सही मानकर चल रहे थे, उसी को लेकर अचानक डाउट हो सकता है। पिता या गुरु समान व्यक्ति के साथ कम्युनिकेशन गैप बन सकता है। उच्च शिक्षा या लंबी यात्रा की प्लानिंग में बदलाव की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान करियर या निवेश से जुड़ा कोई बड़ा फैसला केवल मूड के आधार पर नहीं लेना चाहिए। नवम भाव में चंद्रमा-केतु का प्रभाव भाग्य, गुरु और बड़े फैसलों से जुड़े मामलों में अस्थायी भ्रम पैदा कर सकता है। पीली दाल या हल्दी का दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।

​कुंभ राशि​07 / 09

​कुंभ राशि​

कुंभ राशि से सिंह सातवां भाव है। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर और लोगों से जुड़े संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा का केतु के प्रभाव में यहां आना भावनात्मक दूरी बढ़ा सकता है। जीवनसाथी की कोई सामान्य बात भी आपको ज्यादा परेशान कर सकती है। दूसरी तरफ आप खुद भी अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर करने के बजाय भीतर रखने लग सकते हैं। बिजनेस पार्टनरशिप में भी कम्युनिकेशन गैप हो सकता है। किसी डील की शर्तों को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है। विवाहित लोगों को छोटी बात को ईगो इश्यू बनाने से बचना चाहिए। सिंह राशि स्वाभिमान और पहचान से जुड़ी है, जबकि केतु उसी पहचान से अस्थायी दूरी की भावना पैदा कर सकता है। सातवें भाव में चंद्र-केतु का प्रभाव रिलेशनशिप्स और पार्टनरशिप्स में भावनात्मक असंतुलन ला सकता है। किसी जरूरतमंद महिला को चावल या सफेद वस्त्र का दान करें और शिव मंदिर में जल चढ़ाएं।

​चंद्रमा-केतु की युति का क्या होगा असर​08 / 09

​चंद्रमा-केतु की युति का क्या होगा असर​

सिंह राशि सूर्य की राशि है। यहां चंद्रमा सामान्य रूप से आत्मविश्वास, क्रिएटिविटी और खुद को व्यक्त करने की क्षमता बढ़ा सकता है। समस्या केतु की मौजूदगी से पैदा होती है। केतु जिस भाव और ग्रह से जुड़ता है, वहां अलगाव, असंतोष और भीतर से दूरी की भावना ला सकता है। चंद्रमा मन के कारक हैं, इसलिए केतु का प्रभाव सबसे पहले सोच और भावनाओं पर महसूस हो सकता है। यही वजह है कि इस गोचर में कई लोगों को बाहरी तौर पर कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी, लेकिन भीतर से मन काफी अस्थिर रह सकता है। इस दौरान सबसे जरूरी है कि हर बात को लेकर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। किसी के व्यवहार का गलत मतलब निकालने से बचें और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए थोड़ा समय लें।

​​<strong>डिसक्लेमर</strong>​09 / 09

​​डिसक्लेमर

यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।​

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