सामान्य तौर पर 1 टन का एसी एक घंटे में लगभग 0.8 यूनिट से 1.2 यूनिट तक बिजली की खपत करता है। अगर औसत माना जाए, तो यह लगभग 1 यूनिट प्रति घंटे बिजली खर्च करता है। यानी अगर आप रोज 8 घंटे एसी चलाते हैं, तो एक दिन में करीब 8 यूनिट और महीने में लगभग 240 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है।
एसी की बिजली खपत उसकी स्टार रेटिंग पर भी निर्भर करती है। 5 स्टार रेटिंग वाला एसी कम बिजली खपत करता है, जबकि 3 स्टार एसी अपेक्षाकृत ज्यादा बिजली खर्च करता है। उदाहरण के तौर पर, 5 स्टार 1 टन एसी लगभग 0.8-0.9 यूनिट प्रति घंटे बिजली ले सकता है, जबकि 3 स्टार एसी 1-1.2 यूनिट तक बिजली खर्च कर सकता है।
इन्वर्टर एसी बिजली की खपत को नियंत्रित करता है और जरूरत के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड कम या ज्यादा करता है। इससे बिजली की बचत होती है। वहीं, नॉन-इन्वर्टर एसी बार-बार ऑन और ऑफ होता है, जिससे बिजली की खपत ज्यादा होती है। इसलिए इन्वर्टर एसी लंबे समय में ज्यादा किफायती साबित होता है।
अगर आपके इलाके में बिजली का रेट 7 रुपये प्रति यूनिट है, तो 1 टन एसी एक घंटे चलाने का खर्च लगभग 7 रुपये होगा। अगर एसी रोज 8 घंटे चलता है, तो रोजाना खर्च लगभग 56 रुपये और महीने का खर्च करीब 1,600 से 1,800 रुपये तक हो सकता है।
एसी की बिजली खपत कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कमरे का आकार, तापमान सेटिंग, एसी की स्टार रेटिंग, कमरे की इंसुलेशन और एसी की सर्विसिंग। अगर एसी को 24-26 डिग्री पर चलाया जाए और कमरे को अच्छी तरह बंद रखा जाए, तो बिजली की खपत कम हो सकती है।
बिजली बचाने के लिए हमेशा अधिक स्टार रेटिंग वाला एसी चुनें, सही तापमान पर इस्तेमाल करें और समय-समय पर एसी की सर्विस करवाते रहें। साथ ही, कमरे को सील रखें ताकि ठंडी हवा बाहर न जाए। इससे एसी कम बिजली खर्च करेगा और बिजली बिल भी कम आएगा।
कुल मिलाकर, 1 टन का एसी औसतन 1 यूनिट प्रति घंटे बिजली खर्च करता है। सही तरीके से इस्तेमाल और ऊर्जा दक्ष मॉडल चुनकर आप अपने बिजली बिल को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। इसलिए एसी खरीदते और इस्तेमाल करते समय उसकी बिजली खपत की जानकारी जरूर रखें।