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₹2,000 की SIP से करोड़पति बनने का फॉर्मूला कितना सही? पहले जान लें इसके पीछे का झोल, वरना होगा पछतावा

₹2,000 की मासिक SIP से वाकई ₹1 करोड़ से ज़्यादा की रकम बन सकती है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब आप कई दशकों तक निवेशित रहें और मार्केट लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे।

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सिप के जरिेये निवेश

करोड़पति बनने का सपना भला कौन नहीं देखता है। हर कोई अपनी तरह से इसके लिए मेहनत और बचत कर निवेश भी करता है। इसी मौके को भुनाते हुए कई एक्सपर्ट ₹2,000 की SIP से करोड़पति बनने का फॉर्मूला बताने से नहीं चुकते हैं। लेकिन क्या यह इतना भी आसान है? क्या सच में छोटे निवेशक से करोड़पति बना जा सकता है? अगर पेन और कॉपी पर किए कलकुलेशन को देखने पर यह आसान लग सकता है लेकिन हकीकत में बहुत ही मुश्किल है। ऐसा क्यों, आइए आपको समझाते हैं।

क्या 35 साल तक रेगुलर निवेश संभव?

2000 रुपये के निवशे से करोड़पति बनने के लिए कम से 30 से 35 साल तक रेगुलर निवेश करना होगा? क्या यह इतना आसान है? शायद नहीं! अगर आप 2 हजार रुपये मंथली सिप करेंगे तो 35 साल के लंबे समय (Time) और 12% के रिटर्न के बाद वह पैसा बढ़कर ₹1.10 करोड़ से ज्यादा हो गया। हालांकि, इन आंकड़ों से उत्साहित होने से पहले, निवेशकों को दो सच्चाइयां ध्यान में रखनी चाहिए। महंगाई और अनुमानित रिटर्न।

महंगाई का असर आंकना जरूरी

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह जरूर बताया जाता है कि 2000 रुपये से आप करोड़पति बन सकते हैं लेकिन यह नहीं बताया जाता है कि 30 साल बाद उस 1 करोड़ की वैल्यू कितनी बचेगी?

अगर 6% की दर से महंगाई बढ़ती है, तो 35 साल बाद (मैच्योरिटी के वक्त), जब आपको यह ₹1.10 करोड़ कैश मिलेगा, तब बाजार में इसकी खरीदने की ताकत आज के सिर्फ ₹14.3 लाख के बराबर होगी।

दूसरी बात, सिप में अनुमानित रिटर्न गारंटी के बजाय मान्यताओं पर आधारित होते हैं। इक्विटी फंड लंबे समय में अच्छा मुनाफा दे सकते हैं, लेकिन मार्केट साइकल का मतलब है कि रिटर्न एक साल में डबल-डिजिट ग्रोथ से लेकर दूसरे साल में नेगेटिव भी हो सकता है। सबसे बड़ी चुनौती है लगातार निवेश करते रहना। कई लोग जोश में आकर SIP शुरू तो करते हैं, लेकिन बाजार में गिरावट या निजी आर्थिक तंगी के समय इसे रोक देते हैं। समय से पहले पैसे निकालने से कंपाउंडिंग का फायदा खत्म हो जाता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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