किसी भी कूलर को सोलर पैनल से चलाने से पहले उसकी बिजली खपत जानना बेहद जरूरी होता है। सामान्य तौर पर छोटे रूम कूलर 100 से 150 वॉट तक बिजली खर्च करते हैं, जबकि बड़े डेजर्ट कूलर 200 से 300 वॉट तक बिजली लेते हैं। अगर कूलर के साथ पंखा या लाइट भी चलानी हो, तो कुल लोड और बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट के अनुसार यदि आपका कूलर 150 वॉट बिजली खपत करता है, तो उसे आराम से चलाने के लिए कम से कम 300 वॉट का सोलर पैनल लगाना बेहतर माना जाता है। वहीं 250 से 300 वॉट वाले बड़े कूलर के लिए 500 वॉट तक का सोलर सेटअप काम का हो सकता है।
सोलर सिस्टम लगाते समय केवल पैनल ही नहीं, बल्कि बैटरी और इन्वर्टर की क्षमता का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। यदि दिन में सीधे धूप के समय कूलर चलाना है, तो कम क्षमता वाला सिस्टम भी काम कर सकता है। लेकिन रात में इस्तेमाल के लिए बैटरी बैकअप जरूरी होगा।
अगर आप चाहते हैं कि बिजली कटौती के दौरान भी कूलर लगातार चलता रहे, तो 100Ah या 150Ah की बैटरी उपयोगी साबित हो सकती है। साथ ही एक अच्छा सोलर इन्वर्टर पूरे सिस्टम को सुरक्षित और स्थिर तरीके से चलाने में मदद करता है।
सोलर पैनल की शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह बिजली बिल कम करने में काफी मददगार साबित होता है। कई लोग अब घरों में छोटे सोलर सेटअप लगाकर कूलर, पंखा और लाइट जैसी जरूरी चीजें आसानी से चला रहे हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोलर सिस्टम खरीदने से पहले अपने कूलर की वास्तविक बिजली खपत जरूर जांच लें।