भीषण गर्मी के मौसम में कार में बिना एसी के सफर करना लगभग नामुमकिन है। इसी लिए जब भी लोग कार में बैठते हैं तो सबसे पहले एसी ही ऑन करते हैं। अगर आप भी कार में एसी इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए का की खबर है।
दरअसल कार में एसी चलाने को लेकर लोग के मन में एक बहुत बड़ा कंफ्यूजन होता है। कई बार लोग के मन में यह सवाल होता है कि क्या कार में एसी चलाने से कार के माइलेज पर फर्क पड़ता है?
कई बार लोग बार-बार एसी धीमा-तेज करते रहते हैं या फिर बीच-बीच में एसी को बंद कर देते हैं ताकि माइलेज कम न हो, लेकिन क्या यह सच है कि एसी तेज और लगातार चलाने से गाड़ी का एवरेज कम होता हैं? आज हम आपको इसी के बार में जानकारी देने जा रहे हैं।
आपको बता दें कि जब कार में AC को ऑन किया जाता है तो कंप्रेसर रेफ्रिजरेंट गैस का प्रेशर बनाने लगता है। इससे दबाव क्रिएट होता है जो कि टेम्प्रेचर को लिक्विड में बदलने में मदद करता है। इसके बाद ये लिक्विड बाहरी वातारण की हवा से मिलकर गर्मी को बाहर करने लगता है।
एसी चलाने से कार का माइलेज कम हो जाता है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कार का एसी डायरेक्ट कार के इंजन से जुड़ा होता है। एसी चलाने पर इंजन पर अधिक प्रेशर पड़ता है जिससे फ्यूल ज्यादा खर्च होता है।
हालांकि एसी चलाने से माइलेज पर बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ता है। अगर हम कार में एसी चलाते हैं तो माइलेज में सिर्फ 3-4 प्रतिशत का ही फर्क पड़ता है। ज्यादा असर इस बात पर की आप किस क्षेत्र में कार चला रहे हैं।
अगर आप भीड़भाड़ वाली जगह पर कार चला रहे हैं तो स्पीड धीमी-तेज होने की वह से माइलेज में ज्यादा फर्क पड़ेगा वहीं अगर आप हाईवे में गाड़ी चला रहे हैं तो माइलेज में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
अब बात करते हैं कि क्या कार की एसी के फैन की स्पीड को कम या ज्यादा करने से भी माइलेज पर फर्क पड़ता है तो आपको बता दें कि एसी का फैन कार की बैटरी यानी इलेक्ट्रिकल सिस्टम से कनेक्टेड रहता है। इस फैन का काम सिर्फ हवा को केबिन के अंदर भेजने का काम करता है।
AC के फैन को बैटरी से पावर मिलती है इसलिए इसकी स्पीड के कम या फिर ज्यादा होने से माइलेज पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। यानी आप एसी फैन की स्पीड 1 नंबर पर रखें या फिर 4 नंबर पर फ्यूल की खपत एक ही रहेगी।