DGCA का बड़ा फैसला, फ्लाइट में मोबाइल चार्जिंग पर लगी रोक, नए एविएशन सेफ्टी नियम जारी

Power Bank Use Banned in Flight: भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट के दौरान पावर बैंक और अन्य लिथियम बैटरी से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब फ्लाइट में पावर बैंक से मोबाइल या अन्य गैजेट चार्ज करने की अनुमति नहीं होगी, चाहे वह विमान की सीट में लगे पावर आउटलेट से ही क्यों न हो।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Jan 4 2026, 20:10 IST
हैंड बैगेज में ही ले जा सकेंगे पावर बैंकImage Credit : Canva01 / 08

हैंड बैगेज में ही ले जा सकेंगे पावर बैंक

DGCA द्वारा नवंबर में जारी ‘डेंजरस गुड्स एडवाइजरी सर्कुलर’ के अनुसार, पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाई जा सकेंगी। इन्हें ओवरहेड लगेज कम्पार्टमेंट में रखने की अनुमति नहीं होगी। नियामक का कहना है कि ऐसी जगहों पर आग लगने की स्थिति में उसका पता लगाना और उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।

क्यों खतरनाक हैं लिथियम बैटरियांImage Credit : Canva02 / 08

क्यों खतरनाक हैं लिथियम बैटरियां

DGCA ने चेतावनी दी है कि लिथियम बैटरी से लगने वाली आग बेहद खतरनाक होती है। ये बैटरियां अत्यधिक ऊर्जा वाली होती हैं और कई बार आग खुद-ब-खुद बुझती नहीं है। अधिक गर्म होने, ओवरचार्जिंग, दबाव पड़ने या खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण इनमें आग लग सकती है। कुछ मामलों में ये बैटरियां विस्फोट तक कर सकती हैं, जिससे यात्रियों और विमान की सुरक्षा को गंभीर खतरा होता है।

ओवरहेड बिन में रखने से बढ़ता है जोखिमImage Credit : Canva03 / 08

ओवरहेड बिन में रखने से बढ़ता है जोखिम

एडवाइजरी में बताया गया है कि अगर लिथियम बैटरियां ओवरहेड बिन या बंद बैग में रखी जाती हैं, तो उनसे निकलने वाला धुआं या आग देर से दिखाई देती है। इससे समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती और खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि आप अपने साथ सिर्फ 100 वॉट से कम क्षमता वाले पावर बैंक यानी करीब 27000mAh तक के पावर क साथ लेकर फ्लाइट में जा सकते हैं। इससे बड़ा पावर बैंक को बैगेज में भी अलाउ नहीं होगा।

एयरलाइंस को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देशImage Credit : Canva04 / 08

एयरलाइंस को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश

DGCA ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों द्वारा लाई जा रही लिथियम बैटरियों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों की दोबारा समीक्षा करें। साथ ही केबिन में आग की जल्दी पहचान और प्रभावी फायरफाइटिंग के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने को कहा गया है।

क्रू ट्रेनिंग पर खास जोरImage Credit : Canva05 / 08

क्रू ट्रेनिंग पर खास जोर

नए नियमों में केबिन क्रू की ट्रेनिंग को भी अहम बताया गया है। क्रू मेंबर्स को ओवरहीटिंग, धुआं या आग के शुरुआती संकेत पहचानने, सही फायरफाइटिंग उपकरण इस्तेमाल करने और धुएं से होने वाले खतरे समझने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विमान में जरूरी सुरक्षा उपकरण आसानी से उपलब्ध हों।

यात्रियों के लिए अनिवार्य घोषणाएंImage Credit : Canva06 / 08

यात्रियों के लिए अनिवार्य घोषणाएं

DGCA ने यात्रियों को जागरूक करने के लिए फ्लाइट के दौरान अनिवार्य घोषणाएं करने का निर्देश दिया है। यात्रियों से कहा गया है कि अगर किसी डिवाइस से गर्मी, धुआं या अजीब गंध आए तो तुरंत केबिन क्रू को सूचना दें।

एयरपोर्ट पर भी दिखेंगे चेतावनी संदेशImage Credit : Canva07 / 08

एयरपोर्ट पर भी दिखेंगे चेतावनी संदेश

एयरपोर्ट ऑपरेटरों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है। DGCA ने टर्मिनल एंट्री, चेक-इन काउंटर, सिक्योरिटी चेक और बोर्डिंग गेट पर लिथियम बैटरी से जुड़े खतरे बताने वाले संदेश और वीडियो दिखाने को कहा है।

सुरक्षा सर्वोपरि: केंद्रीय मंत्रीImage Credit : Canva08 / 08

सुरक्षा सर्वोपरि: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि DGCA द्वारा बनाए गए सभी नियम यात्रियों और विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों और विशेषज्ञों से सलाह के बाद ही ऐसे फैसले लिए जाते हैं, जिनका पालन सभी के लिए जरूरी है।

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