क्या आपकी कन्फर्म सीट TTE किसी को दे सकता है, रेलवे का नियम क्या है?

भारतीय रेल से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं और हर रोज हजारों ट्रेन चलती हैं। रेलवे के कई सारे नियम हैं जिन्हें जानना यात्रियों के लिए बहुत जरूरी है। इन्हीं में से एक है कि क्या आपकी कन्फर्म सीट किसी अन्य यात्री को दी जा सकती है। इसे लेकर रेलवे का नियम क्या है? आइए जानते हैं...

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Jun 16 2026, 12:33 IST
रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट कन्फर्म होने के बाद भी कुछ नियमों की जानकारी होना जरूरी है। 01 / 08

रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट कन्फर्म होने के बाद भी कुछ नियमों की जानकारी होना जरूरी है।

कन्फर्म के बाद भी गारंटी नहींImage Credit : Canva02 / 08

कन्फर्म के बाद भी गारंटी नहीं

कई यात्रियों को लगता है कि Confirm Ticket होने के बाद सीट पूरी तरह सुरक्षित हो जाती है, लेकिन रेलवे के कुछ नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को अलॉट की जा सकती है।

Confirm Ticket होने का मतलब सीट हमेशा सुरक्षित होना नहींImage Credit : Canva03 / 08

Confirm Ticket होने का मतलब सीट हमेशा सुरक्षित होना नहीं

कन्फर्म टिकट का मतलब है कि सीट आपके नाम पर आरक्षित है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में सीट आगे किसी अन्य यात्री को दी जा सकती है। रेलवे में सीट आवंटन की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है और TTE के पास भी कुछ परिस्थितियों में सीट दोबारा अलॉट करने का अधिकार होता है।

ट्रेन में नहीं पहुंचे तो लागू हो सकता है No Show RuleImage Credit : Canva04 / 08

ट्रेन में नहीं पहुंचे तो लागू हो सकता है No Show Rule

अगर कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता है और इसकी जानकारी रेलवे रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है, तो उसे No Show Passenger माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में TTE आपकी सीट को खाली मानकर किसी अन्य पात्र यात्री को आवंटित कर सकता है। इसलिए अगर किसी कारण से आप बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पा रहे हैं, तो पहले से बोर्डिंग स्टेशन बदलवाना जरूरी हो सकता है।

Boarding Station मिस करने पर सीट खोने का खतराImage Credit : Canva05 / 08

Boarding Station मिस करने पर सीट खोने का खतरा

अगर यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन पर ट्रेन में नहीं चढ़ता और पहले से Boarding Change नहीं करवाया है, तो उसकी सीट किसी अन्य यात्री को दी जा सकती है। रेलवे नियमों के अनुसार, TTE ट्रेन में मौजूद यात्रियों की स्थिति और उपलब्ध सीटों के आधार पर सीट का आवंटन करता है।

TTE बिना रिकॉर्ड के सीट किसी को नहीं दे सकताImage Credit : Canva06 / 08

TTE बिना रिकॉर्ड के सीट किसी को नहीं दे सकता

ट्रेन में TTE के पास हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT) डिवाइस होता है, जिसमें यात्रियों और सीटों का रिकॉर्ड दर्ज रहता है। किसी भी यात्री की सीट किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले TTE को सिस्टम में इसकी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। बिना रिकॉर्ड अपडेट किए सीट अलॉट नहीं की जा सकती।

RAC यात्रियों को मिल सकती है खाली सीटImage Credit : Canva07 / 08

RAC यात्रियों को मिल सकती है खाली सीट

अगर कोई सीट खाली हो जाती है, तो रेलवे नियमों के अनुसार RAC यात्रियों, आंशिक रूप से कन्फर्म यात्रियों या अन्य पात्र यात्रियों को वह सीट दी जा सकती है। इसलिए कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को भी समय पर ट्रेन में पहुंचना जरूरी होता है, ताकि सीट किसी अन्य यात्री को आवंटित न हो जाए।

ध्यान रखेंImage Credit : Canva08 / 08

ध्यान रखें

रेल यात्रा के दौरान टिकट कन्फर्म होने के बावजूद बोर्डिंग समय और रेलवे के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। इससे आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकती है।

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