दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन, भारत में बनने जा रहा, खबर पढ़ चीन की उड़ी नींद

World Highest Railway Station: भारत में एक बेहद महत्वाकांक्षी रेलवे परियोजना पर काम चल रहा है, जिसे बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन के नाम दिया गया है। यह रेल लाइन हिमाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख तक पहाड़ी और दुर्गम इलाकों को जोड़ेगी। प्रस्तावित परियोजना के तहत रेल मार्ग का रूट बिलासपुर हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर मंडी, मनाली, रोहतांग, केलंग, सरचू होते हुए लेह तक जाएगा। इस परियोजना को सामरिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चीन के बॉर्डर तक पहुंच रही है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Mar 9 2026, 14:09 IST
सुरंगों और पुलों से भरा होगा रेल मार्ग01 / 07

सुरंगों और पुलों से भरा होगा रेल मार्ग

पहाड़ी इलाकों से गुजरने के कारण इस रेल लाइन का बड़ा हिस्सा सुरंगों और पुलों से होकर गुजरेगा। परियोजना के तहत 62 सुरंगें बनाई जाएंगी, जिनकी कुल लंबाई लगभग 270 किलोमीटर होगी। यानी पूरी रेलवे लाइन का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा टनलों से होकर गुजरेगा। इसके अलावा इस मार्ग पर 116 बड़े पुल भी बनाए जाएंगे, जो गहरी घाटियों और नदियों को पार करने में मदद करेंगे।

कुल दूरी और प्रमुख स्टेशनImage Credit : CANVA02 / 07

कुल दूरी और प्रमुख स्टेशन

इस रेलवे लाइन की कुल लंबाई लगभग 489 किलोमीटर होगी। पूरे मार्ग पर करीब 40 रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। प्रमुख स्टेशनों में बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी, मनाली, केलंग, दारचा, सरचू, पांग, तेंगला और लेह शामिल होंगे। यह परियोजना हिमालय के कई दुर्गम क्षेत्रों को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगी।

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशनImage Credit : CANVA03 / 07

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि यहां बनने वाला Tengla Railway Station दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन हो सकता है। यह स्टेशन समुद्र तल से लगभग 5,359 मीटर की ऊंचाई पर प्रस्तावित है।

15,000 फीट से अधिक ऊंचाई04 / 07

15,000 फीट से अधिक ऊंचाई

पूरी रेल लाइन का अधिकतम ऊंचाई स्तर 15,000 फीट से अधिक होगा, जो इसे दुनिया की सबसे ऊंचाई पर चलने वाली रेल परियोजनाओं में शामिल करेगा।

ट्रेन की गति और यात्रा समयImage Credit : CANVA05 / 07

ट्रेन की गति और यात्रा समय

इस मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम गति लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। इस रेलवे लाइन के बनने से दिल्ली से लेह तक की यात्रा में बड़ा बदलाव आएगा। फिलहाल सड़क मार्ग से यह सफर करीब 40 घंटे तक लग सकता है, लेकिन रेल लाइन बनने के बाद यही दूरी लगभग 20 घंटे में तय की जा सकेगी।

यात्रियों के लिए खास सुविधाएंImage Credit : CANVA06 / 07

यात्रियों के लिए खास सुविधाएं

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में विशेष सुविधाएं देने की योजना है। यात्रियों को प्रेशराइज्ड कोच मिलेंगे, जो हवाई जहाज की तरह काम करेंगे। इसके साथ ही ट्रेनों में हाई-टेक हीटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, ताकि बेहद ठंडे मौसम में भी सफर आरामदायक रहे।

परियोजना की लागत और मौजूदा स्थितिImage Credit : CANVA07 / 07

परियोजना की लागत और मौजूदा स्थिति

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस रेलवे लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) रक्षा मंत्रालय को सौंप दी गई है। अब अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही इस परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह रेल लाइन बनने के बाद लद्दाख क्षेत्र में कनेक्टिविटी, पर्यटन और सामरिक मजबूती तीनों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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