केंद्र सरकार की कई ऐसी अहम योजनाएं हैं जिन्हें ममता बनर्जी की सरकार ने बंगाल में लागू नहीं होने दिया है, लेकिन अब पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। शुरुआत आयुष्मान भारत योजना से होगी।
विधानसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा काफी प्रमुख रहा कि राज्य में केंद्र की योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। बीजेपी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक कारणों से कई कल्याणकारी योजनाओं में बाधा डाली। ऐसे में पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सरकार बनने पर इन योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। आइए जानते हैं कि बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद कौन-कौन से लागू होंगी।
सबसे प्रमुख योजना आयुष्मान भारत योजना है, जिसके तहत गरीबों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। पश्चिम बंगाल में यह योजना लागू नहीं है और राज्य सरकार अपनी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना चला रही है। बीजेपी का मानना है कि आयुष्मान भारत लागू होने से गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
पीएम फसल बीमा योजना और पीएम मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाएं भी अब राज्य में लागू की जा सकती हैं। इससे किसानों और मछुआरों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा मनरेगा भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के खत्म होने और मजदूरों को समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर देने की रफ्तार तेज हो सकती है। वहीं पीएम श्री स्कूल योजना के जरिए शिक्षा क्षेत्र में सुधार की संभावना है। इसके अलावा पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू कर कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण, लोन और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
बीजेपी ने चाय बागान श्रमिकों के लिए ‘चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ लागू करने का भी वादा किया है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जन धन योजना, स्मार्ट सिटी मिशन और उज्ज्वला जैसी योजनाओं को भी प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही गई है। (Image Source: iStock)