अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी का मॉडल मौजूदा निजी टैक्सी सेवाओं से पूरी तरह अलग होगा। अभी तक टैक्सी सेवाओं में ड्राइवरों की कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनियों के पास चला जाता है, लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा। यहां ड्राइवर खुद मालिक की तरह काम करेंगे और उनकी मेहनत की पूरी कमाई उन्हीं को मिलेगी।
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें ड्राइवरों को पूरा किराया मिलेगा। किसी तरह का कमीशन नहीं काटा जाएगा। यानी जो पैसा यात्री देगा, वह सीधे ड्राइवर की जेब में जाएगा। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
निजी टैक्सी कंपनियां आमतौर पर ड्राइवरों से 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लेती हैं। लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा। यहां ड्राइवर बिना किसी कटौती के काम कर सकेंगे और उन्हें अतिरिक्त दबाव का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।
अमित शाह ने भारत टैक्सी की तुलना अमूल से की। जिस तरह अमूल ने छोटे किसानों को एकजुट कर उन्हें मजबूत बनाया, उसी तरह यह टैक्सी सेवा ड्राइवरों को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगी। इससे ड्राइवर अकेले नहीं, बल्कि एक संगठन के रूप में काम करेंगे।
अमित शाह ने भारत टैक्सी की तुलना अमूल से की। जिस तरह अमूल ने छोटे किसानों को एकजुट कर उन्हें मजबूत बनाया, उसी तरह यह टैक्सी सेवा ड्राइवरों को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगी। इससे ड्राइवर अकेले नहीं, बल्कि एक संगठन के रूप में काम करेंगे।
भारत टैक्सी से सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। भीड़ के समय बढ़ने वाले किराए यानी सर्ज प्राइसिंग से राहत मिलेगी। किराया साफ और तय होगा, जिससे यात्रियों को किसी तरह की उलझन नहीं होगी।
इस सेवा के तहत ड्राइवरों को बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके अलावा टैक्सी पर लगने वाले विज्ञापनों से होने वाली कमाई भी सीधे ड्राइवरों को दी जाएगी, जिससे उनकी आय के नए रास्ते खुलेंगे।
भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू हो चुका है। अमित शाह के अनुसार, आने वाले 1 से 2 महीनों में यह सेवा पूरे देश में शुरू हो सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो साल में भारत टैक्सी देश की सबसे बड़ी टैक्सी सेवा बने। इसे अमूल, इफको, नाबार्ड और कृभको जैसी बड़ी सहकारी संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है।