पांच साल से कम उम्र के बच्चों का आधार केवल फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र से बनता है। इस उम्र में उंगलियों के निशान और आंखों की स्कैनिंग नहीं की जाता, लेकिन जैसे ही बच्चा 5 साल का होता है, उसका पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी हो जाता है। इसी तरह दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र में होता है।
UIDAI का कहना है कि अपडेटेड आधार सिर्फ 12 अंकों की संख्या नहीं है, बल्कि यह बच्चों को कई आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का माध्यम है। इसमें स्कूल एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम्स के लिए रजिस्ट्रेशन, सरकारी छात्रवृत्ति योजनाएं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाएं आदि शामिल हैं।
UIDAI के नए नियमों के तहत अब आधार धारकों को नाम और पता बदलने में पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने होंगे। बता दें कि आधार धारकों से नाम और पता जैसे सामान्य सुधार के लिए अब तक सिर्फ 50 रुपये का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब 1 अक्टूबर 2025 से नाम और पता अपडेट कराने के लिए 75 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
UIDAI ने इसी तरह बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फोटो, फिंगरप्रिंट, आइरिस जैसी डिटेल्स को बदलने की फीस भी बढ़ा दी है। इन सभी डिटेल्स में सुधार के लिए अब तक आधार धारकों से 100 रुपये की फीस ली जाती थी लेकिन अब 125 रुपये देने होंगे। अब आधार धारकों को बच्चों के बायोमैट्रिक डिटेल्स के लिए 125 रुपये देने होंगे। हालांकि आपके लिए अच्छी खबर यह है कि नया आधार कार्ड बनवाने पर किसी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा यह पहले की तरह फ्री रहेगा।