FASTag पर सरकार ने दिया बड़ा अपडेट, कार मालिकों की हो गई चांदी

नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। FASTag से जुड़ा एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जिसके तहत अब FASTag लगी कारों के लिए अलग से KYC कराने की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टोल प्लाजा पर होने वाली परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Feb 4 2026, 11:05 IST
क्यों बदला गया FASTag KYC नियम01 / 09

क्यों बदला गया FASTag KYC नियम

अधिकारियों के मुताबिक, FASTag सिस्टम को और आसान बनाने के लिए KYC प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले वाहन चालकों को FASTag एक्टिव रखने के लिए बार-बार KYC अपडेट करानी पड़ती थी, जिससे कई बार टैग ब्लॉक होने की समस्या आती थी। नए नियम के बाद यह झंझट खत्म हो जाएगी।

फास्टैग से जुड़ी धोखाधड़ी पर कैसे लगेगी रोक02 / 09

फास्टैग से जुड़ी धोखाधड़ी पर कैसे लगेगी रोक

हालांकि KYC की बाध्यता हटाई गई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर सरकार ने वैकल्पिक उपाय अपनाए हैं। FASTag को सीधे वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा और सिस्टम रिकॉर्ड से जोड़ा गया है, जिससे गलत इस्तेमाल, डुप्लीकेट टैग और फर्जी लेन-देन पर नजर रखी जा सकेगी।

टोल प्लाजा पर सफर होगा और आसान03 / 09

टोल प्लाजा पर सफर होगा और आसान

नए बदलाव के बाद FASTag यूजर्स को टोल प्लाजा पर रुकने या टैग ब्लॉक होने की चिंता नहीं रहेगी। बिना KYC अपडेट की परेशानी के वाहन चालक अब सुचारु रूप से टोल प्लाजा पार कर सकेंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी भी कम होगी।

फास्टैग एक्टिव रखने के लिए क्या जरूरी रहेगा04 / 09

फास्टैग एक्टिव रखने के लिए क्या जरूरी रहेगा

भले ही अब KYC अनिवार्य न हो, लेकिन FASTag अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होना जरूरी रहेगा। साथ ही वाहन की जानकारी सही और अपडेट होनी चाहिए, ताकि टोल कटौती में कोई दिक्कत न आए।

डिजिटल टोल सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा05 / 09

डिजिटल टोल सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

इस फैसले से डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। FASTag यूजर्स की संख्या बढ़ेगी और हाईवे पर सफर पहले से ज्यादा तेज और सुविधाजनक होगा।

बड़ी राहत06 / 09

बड़ी राहत

कुल मिलाकर कहें तो FASTag से KYC की अनिवार्यता हटने का फैसला वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि टोल प्लाजा पर होने वाली तकनीकी दिक्कतों और रुकावटों से भी छुटकारा मिलेगा।

आपको बता दें कि जब से चीजें ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी हैं तब से साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब क्रिमिनल्स ने फास्ट टैग के जरिए लोगों को ठगने का तरीका निकाला है।07 / 09

आपको बता दें कि जब से चीजें ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी हैं तब से साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब क्रिमिनल्स ने फास्ट टैग के जरिए लोगों को ठगने का तरीका निकाला है।

हकीकत क्या है: NHAI का रुख साफ08 / 09

हकीकत क्या है: NHAI का रुख साफ

इस दावे की सच्चाई यह है कि NHAI या सरकार की ओर से FASTag को लेकर ऐसा कोई नियम जारी नहीं किया गया है। यह पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक जानकारी है। न तो 7-सीटर और न ही 5-सीटर निजी वाहनों के FASTag नियमों में किसी तरह का बदलाव किया गया है। NHAI पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है।

अफवाहों से रहें सतर्क09 / 09

अफवाहों से रहें सतर्क

FASTag को लेकर वायरल हो रही यह इमेज पूरी तरह से फेक न्यूज है। आम लोगों को सलाह है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी पोस्ट को न तो शेयर करें और न ही उस पर भरोसा करें। किसी भी सरकारी योजना या नियम की सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें, ताकि भ्रम और नुकसान से बचा जा सके।

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