1 टन AC- 90 से 120 वर्गफुट वाले छोटे कमरे के लिए वहीं 1.5 टन AC- 120 से 180 वर्गफुट वाले मध्यम आकार के कमरे के लिए सही माना जाता है। यदि आपका कमरा बहुत बड़ा या छोटा है, तो टन क्षमता में चयन बहुत मायने रखता है।
अगर कमरा दक्षिण दिशा में है या उस पर सीधी धूप पड़ती है, तो हल्का बड़ा टन वाला AC बेहतर रहेगा। वहीं जिस कमरों में क्रॉस वेंटिलेशन अच्छा है, वहां कम क्षमता वाला AC भी काम चला सकता है। इसके अलावा अगर कमरे की ऊंचाई अधिक है या उसमें फॉल्स सीलिंग नहीं है, तो एयर वॉल्यूम अधिक होता है। ऐसे में 1.5 टन AC ही बेहतर विकल्प होगा।
अगर कमरे में आमतौर पर 3-4 लोग रहते हैं, तो 1.5 टन AC लेना बेहतर होता है क्योंकि शरीर की गर्मी भी कुल तापमान को प्रभावित करती है।
यदि कमरे में टीवी, कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज चलते हैं, तो कूलिंग पर लोड बढ़ता है। ऐसे में हाई कैपेसिटी वाला AC चुनना चाहिए।
1 टन AC बिजली की कम खपत करता है, जबकि 1.5 टन में थोड़ी अधिक। लेकिन यदि कमरे के लिए 1.5 टन जरूरी है, तो 1 टन AC ज्यादा समय तक चलाने पर बिजली बिल और कूलिंग-दोनों में घाटा होगा।
इन्वर्टर AC कमरे के तापमान के अनुसार खुद को एडजस्ट करते हैं। चाहे आप 1 टन लें या 1.5 टन, इन्वर्टर टेक्नोलॉजी से बिजली की बचत संभव है। इसके अलावा आप ज्यादा स्टार वाला एसी भी खरीद सकता है। यह कम बिजली की खपत करते हैं।
कई बार कीमत के चक्कर में कम टन वाला AC लेना जल्दबाजी हो सकती है। बेहतर है कि जरूरत के अनुसार सही टन और ब्रांड का चयन करें ताकि लंबी अवधि में निवेश सही साबित हो।