भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में बैक-टू-बैक गोल्ड मेडल जीता। साल 2022 एशियन गेम्स में भी भारत ने गोल्ड मेडल जीता था। टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से मात दी।
टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से यूं तो कई रिकॉर्ड बनाए। लेकिन एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड बना दिया, जहां तक पहुंचने के लिए वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम सोचती रह गईं।
टी20 फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम एक कैलेंडर ईयर में 100 छक्के लगाने वाली पहली टीम बनी। 2026 में भारतीय महिला टीम ने सितंबर के अंत तक 21 T20I मैचों में 110 छक्के लगाए हैं। वे इस फॉर्मेट में एक कैलेंडर ईयर में 100 छक्के लगाने वाली पहली टीम बन गई हैं।
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है, जिसने 2026 में 77 छक्के लगाए हैं। टीम इंडिया ने अपनी आक्रामक अप्रोच से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसमें शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महिला एशियन गेम्स में शेफाली के बल्ले से 14 छक्के निकले। वहीं, मंधाना ने 9 छक्के उड़ाए। दोनों ने मिलकर कुल 23 छक्के लगाए।
भारत ने इन 110 छक्कों में से 59 छक्के एशिया कप और एशियन गेम्स को मिलाकर सिर्फ 8 मैचों में लगाए। उन्होंने दुबई में हुए एशिया कप में 32 छक्के लगाए, जो किसी भी महिला T20I सीरीज में किसी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं, जबकि एशियन गेम्स में लगाए गए 27 छक्के इस मामले में तीसरे नंबर पर हैं।
इसके अलावा भारतीय टीम ने अपना ही एक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। टीम इंडिया ने एक मैच में सर्वाधिक सिक्स लगाने का नया रिकॉर्ड बनाया। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में टीम ने मिलकर कुल 13 छक्के लगाए। 7 छक्के मंधाना के बल्ले से निकले तो वहीं, शेफाली और ऋचा घोष ने 3-3 सिक्स लगाए। इससे पहले एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ 12 सिक्स लगाए थे।
फाइनल में भारत ने छक्कों से जितने रन बनाए, वे श्रीलंका के कुल स्कोर से 9 रन ज्यादा थे। महिला T20I में यह सिर्फ सातवीं बार हुआ है, जब किसी टीम ने विरोधी टीम के कुल स्कोर से ज्यादा रन छक्कों से बनाए हों। श्रीलंका की टीम 69 रन पर ऑल आउट हो गई और उसने सिर्फ एक छक्का लगाया। भारत ने अपनी पारी के दौरान 78 रन सिक्स से बनाए। इससे पहले के छह मामलों में से कोई भी 'फुल मेंबर' टीम के खिलाफ नहीं हुआ था। यानी यहां भी भारत ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया।